बीएनएस, बीएनएसएस और बीएसए कानूनों के बारे में विस्तार से बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। शहीद लेफ्टिनेंट किरण शेखावत राजकीय महाविद्यालय में शनिवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक कार्यालय नूंह के उप जिला न्यायवादी (डीडीए) मनीष कुमार ने छात्राओं को देश में हाल ही में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मनीष कुमार ने अपने व्याख्यान में बताया कि ये तीनों कानून 1 जुलाई 2024 से पूरे देश में प्रभावी हो चुके हैं और इन्होंने भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है। उन्होंने कहा कि इन नए कानूनों का मुख्य उद्देश्य न्याय प्रणाली को तेज पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाना है ताकि पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके। बीएनएस के तहत संगठित अपराध आतंकवाद और मॉब लिंचिंग जैसे गंभीर अपराधों के लिए सख्त सजाओं का प्रावधान किया गया है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों पर भी कठोर दंड निर्धारित किए गए हैं, जिनमें न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा शामिल है।