दो दर्जन से अधिक जवानों की यूनिट संभाल रही मोर्चा
मोहम्मद शाहिद मेवाती
तावड़ू। नूंह-मेवात क्षेत्र की संवेदनशीलता और हाल के वर्षों में सामने आए जासूसी, देशविरोधी गतिविधियों और संगठित साइबर अपराध से जुड़े मामलों के बीच हरियाणा पुलिस ने जिले में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) यूनिट को सक्रिय कर दिया है। यूनिट को आतंकवाद के साथ-साथ संदिग्ध नेटवर्क, संगठित अपराध, साइबर ठगी और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों पर विशेष निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। नूंह में एटीएस के लिए कार्यालय भी चिन्हित किया गया है।
एटीएस प्रमुख वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वरुण सिंघला के अनुसार, प्रदेश सरकार के निर्देश पर हरियाणा में आतंकवाद निरोधक व्यवस्था को नए स्वरूप में विकसित किया गया है। प्रदेश में एटीएस के दो विशेष थाने पंचकूला और गुरुग्राम में संचालित हैं। पंचकूला मुख्यालय के रूप में काम कर रहा है। पूरे प्रदेश को दो सुरक्षा जोन में बांटा गया है। नूंह की एटीएस यूनिट का मुख्यालय गुरुग्राम रहेगा और यह सीआईडी मुख्यालय से सीधे जुड़कर काम करेगी।
डीएसपी के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक जवान
नूंह के लिए गठित एटीएस यूनिट में डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआई, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल और प्रशिक्षित कमांडो शामिल हैं। दो दर्जन से अधिक जवानों वाली टीम जिले में जिम्मेदारी संभाल चुकी है। टीम को आधुनिक सर्विलांस और तकनीकी संसाधनों से लैस किया गया है। इससे संदिग्ध गतिविधियों और ऑनलाइन नेटवर्क की निगरानी तथा तकनीकी विश्लेषण में मदद मिलेगी।
खरखड़ी और कांगरका-राजाका से जुड़े मामलों ने बढ़ाई चिंता
नूंह में पिछले कुछ समय में देशविरोधी गतिविधियों और संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े मामले सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी है। तावड़ू क्षेत्र के खरखड़ी गांव निवासी युवा वकील रिजवान को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी और टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार किए जाने का मामला भी सामने आया था। वहीं, मई 2025 में कांगरका निवासी मोहम्मद तारिफ और राजाका निवासी अरमान को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने तथा संवेदनशील सैन्य जानकारी साझा करने के आरोप में पकड़े जाने की बात सामने आई थी। इन मामलों की जांच सुरक्षा एजेंसियों ने की थी।
किरनकी क्षेत्र में भी चल चुका है तलाशी अभियान
अगस्त माह में रोजका मेव थाना क्षेत्र के गांव करणकी के आसपास देर रात व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया था। तीन जिलों की संयुक्त टीम ने एक शिक्षण संस्थान सहित कई स्थानों की जांच की थी। अभियान के दौरान कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। हालांकि पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। जांच एजेंसियां संदिग्ध संपर्कों और कथित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही थीं।
सोशल मीडिया से लेकर साइबर गैंग तक निगरानी
एटीएस का फोकस अब केवल आतंकी गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ या संदिग्ध सामग्री का प्रसार, अपराधियों और गैंगस्टरों के ऑनलाइन नेटवर्क, बड़े साइबर फ्रॉड, अवैध हथियार तथा संगठित अपराध से जुड़े मामलों पर भी नजर रखी जाएगी। सोशल मीडिया के जरिए संदिग्ध नेटवर्क को समर्थन देने वाली गतिविधियों की भी निगरानी की जाएगी।
- अल फलाह यूनिवर्सिटी मामले से भी जुड़े तार
फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी परिसर से मेवात निवासी मौलवी इश्तियाक को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कथित व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल और विस्फोटक सामग्री रखने के मामले में हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई ने भी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ाई थी। वहीं, अंतरराज्यीय सेक्सटॉर्शन और साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े मेवात निवासी मोहम्मद फैसल की गिरफ्तारी भी जांच एजेंसियों के रडार पर रही है।
आपात स्थिति में कमांडो संभालेंगे मोर्चा
एटीएस के लिए विशेष ऑपरेशन ग्रुप भी गठित किया गया है। इसमें प्रशिक्षित कमांडो शामिल हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर सकेंगे। संवेदनशील मामलों में एटीएस अपनी रिपोर्ट सीआईडी के माध्यम से पुलिस महानिदेशक को भेजेगी।
अधिकारियों का मानना है कि नूंह में एटीएस की सक्रियता से आतंकवाद, देशविरोधी गतिविधियों, संगठित अपराध और बड़े साइबर अपराधों पर निगरानी का दायरा बढ़ेगा। इससे जिले में खुफिया तंत्र मजबूत होने के साथ संवेदनशील मामलों में कार्रवाई के लिए पुलिस को एक विशेष और तकनीकी रूप से सक्षम व्यवस्था मिलेगी।