पलवल। सरकार द्वारा एक साल पहले 350 अवैध काॅलोनियों को अभी तक नियमित नहीं किया जा सका और मुख्यमंत्री ने फिर से जिले की 31 अवैध काॅलोनियों को नियमित करने की घोषणा कर डाली है। ऐसे में अवैध काॅलोनियों को नियमित करने की घोषणाओं पर ही लोग सवाल उठाने लगे हैं, क्योंकि आज भी सरकार के रिकार्ड में जिले में स्थापित ग्रामीण क्षेत्रों में 350 तथा शहरी क्षेत्रों में 100 के करीब हैं। इन अवैध काॅलोनियों में से मात्र 19 अवैध काॅलोनियों को नियमित करने के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं हुई है। करीब 300 अवैध काॅलोनियां नियमित होने के इंतजार में हैं। ऐसे में बृहस्पतिवार को हुई 31 काॅलोनियों को नियमित करने की घोषणा पर कितना अमल होगा, यह तक समय ही बताएगा।
बता दें कि गत वर्ष प्रदेश सरकार ने अवैध काॅलोनियों का निजी एजेंसी के जरिए ड्रोन सर्वे कराया था। ड्रोन सर्वे में जिले में करीब 350 अवैध काॅलोनियां ग्रामीण क्षेत्रों में मिली, जबकि 100 अवैध काॅलोनियां शहरी सीमा के अंदर मिली थीं। सर्वे के बाद अवैध काॅलोनियों को वैध करने के लिए 19 जुलाई 2022 को अधिसूचना भी जारी कर दी गई है, लेकिन इन काॅलोनियों में से आज तक नियमित करने के लिए मात्र 19 आवेदन ही प्राप्त हुए थे।
आवेदनों की जांच के लिए अधिकारी भी हुए थे नियुक्त
सरकार द्वारा काॅलोनियों को नियमित करने के 19 जुलाई 2022 को अधिसूचना जारी की गई। नियमित करने के लिए आवेदन मांगे गए तथा आवेदनों की जांंच के लिए सरकार ने जिला स्तर पर कमेटी भी गठित की। उपायुक्त को इस कमेटी का चेयरमैन बनाया गया। सदस्यों के तौर पर नगर योजनाकार, सीईओ जिला परिषद, डीडीपीओ, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता व तहसीलदार शामिल किए गए।
एरिया या कॉलोनी विकसित करने के लिए शर्तें
एरिया या कॉलोनी विकसित करने के लिए काॅलोनाइजरों को विभागीय शर्तें के अनुसार जानकारी देनी थी कि कॉलोनी में कितनी सड़के, जानकारी ओपन स्पेस, पार्क, कितने प्लॉट, कितने खाली मंदिर, हाइटेंशन लाइन है या नहीं। इसके अलावा प्लाटों की संख्या, सीवरेज सिस्टम, स्कूल, डिस्पेंसरी, कम्यूनिटी सेंटर, गैस पाइपलाइन का ले आउट प्लान पूरी डिटेल के साथ दर्शाने थे। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया, शोरूम, रिटेल आउटलेट, कमर्शियल बिल्डिंग, मल्टीप्लेक्स, होटल, बैंक्वेट हॉल के साथ कॉलोनी नहीं काटी जा सकेगी।
छह महीने में करना था आवेदन
कॉलोनियों को वैध करने के लिए अधिसूचना के छह महीने के अंदर डेवलपर्स, जमीन मालिक, आरडब्ल्यूए को आवेदन करना था। आवेदन के साथ काॅलोनी का लेआउट प्लान व मलकियत से संबंधित राजस्व दस्तावेज देने थे। नई पालिसी में चार श्रेणी बनाई गई हैं। पहली श्रेणी में वह अवैध काॅलोनियां शामिल की गई हैं, जिनके कुल क्षेत्रफल का 25 प्रतिशत से कम क्षेत्र विकसित हुआ है। इसी तरह से दूसरी श्रेणी 25 से 50 प्रतिशत, तीसरी श्रेणी 50 से 75 प्रतिशत और चौथी श्रेणी 75 प्रतिशत या उससे अधिक भाग विकसित होने वाली बनाई गई हैं। इन कालोनियों में बिजली, पानी, सीवर, पार्क और चौड़ी सड़क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नई पालिसी में सिर्फ उन्हीं अवैध कालोनियों के नियमितीकरण की व्यवस्था है, जो एक जुलाई से पहले स्थापित हुई हैं। एक जुलाई के बाद किसी भी अवैध कालोनी पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। आज भी 300 के करीब ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 80 के करीब शहरी क्षेत्रों में अवैध कालोनियां बसी हुई हैं, जो नियमित होने के इंतजार में हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर ने बृहस्पतिवार को जिले में 31 अवैध कालोनियों को नियमित करने की घोषणा की है। इससे जिले में विकास होगा तथा अवैध काॅलोनियों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में रह रहे लोगों को सुविधाएं मिलेंगी। उन काॅलोनियों में लोगों को सीवर, वाटर सप्लाई, बिजली, सड़कें पार्क आदि की सुविधाएं मिलेंगी। प्रापर्टी डीलरों व काॅलोनाइजरों को सरकार की हिदायतों का पालन करना चाहिए। पलवल में एक भी काॅलोनी अवैध नहीं रहेगी। सरकार का उद्देश्य लोगों को रिहायशी क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
-दीपक मंगला, विधायक पलवल