फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक जांच अधिकारी के पास नहीं होंगे तीन से अधिक केस

Wed, 27 Apr 2016 10:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पलवल
विज्ञापन
पुलिस - फोटो : file photo
विज्ञापन
सूबे के नवनियुक्त डीजीपी केपी सिंह पुलिस के जवानों पर काम का बोझ घटाने की तैयारी में हैं। इसके लिए उन्होंने डेट लाइन भी तय की है कि 30 जून के बाद एक आईओ (जांच अधिकारी) के पास तीन से अधिक केस नहीं होंगे। लेकिन सवाल यह है कि कर्मचारियों व अधिकारियों की कमी से जूझ रहे पुलिस विभाग में आखिर जवानों पर काम का प्रेशर कम होगा भी तो कैसे। 
विज्ञापन


पुलिस विभाग लंबे समय से अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। हालात यह हैं कि अधिकांश थानों व चौकियों में तय से आधे जवानों पर काम को बोझ है। जिसके चलते एएसआई स्तर के अधिकारी व पुलिस के जवान काम के दबाब में रहते हैं। जिसके चलते वे कई बार थानों व चौकियों में आने वाले फरियादियों से भी झल्ला पड़ते हैं। डीजीपी केपी सिंह ने पुलिस को और अधिक जवाबदेह बनाने की भी योजना बनाई है। इसके लिए उन्होनें जिलों के पुलिस कप्तानों को आमूल-चूल परिवर्तन करने को कहा है। इसमें गांव-गांव जाकर समस्याएं सुनने, रात्रि गश्त बढ़ाने व हाइवे व लिंक सड़कों के किनारे खड़े हाने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने की योजना है। 

बिना फोर्स कैसे पूरी होंगी योजना : आईओ को केवल तीन फाईलें देने संबंधी आदेश से जांच अधिकारियों पर प्रेशर को कम करने का प्रयास किया गया है। लेकिन बिना फोर्स के यह फलीभूत कैसे होगा, इस पर भी सवाल उठना लाजिमी है। पुलिस विभाग अधिकारियों व जवानों की कमी से जूझ रहा है। चाहे महिला थाने हों या सामान्य थानें तथा चौकियां, सभी जगह फोर्स की भारी कमी है। कहीं-कहीं तो हालत यह हैं कि तय संख्या से आधे से भी कम की नियुक्ति हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार को कार्यभार संभाले डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें