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अमृत जल योजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश

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पलवल में अमृत योजना के तहत डाली जा रही सीवर व्यवस्था का निरीक्षण करते उपायुक्त यशपाल। - फोटो : Palwal
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पलवल। 200 करोड़ रुपये की अमृत जल योजना के कार्य की धीमी गति पर शनिवार को जिला उपायुक्त ने अधिकारियों को फटकार लगाई। योजना के तहत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। अमर उजाला ने मामले को शुक्रवार 19 जुलाई के अंक में ‘अमृत जल योजना बनी लोगों के लिए परेशानी का सबब’ के शीर्षक के साथ जोर-शोर से उठाया था।
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जिला उपायुक्त यशपाल ने शनिवार सुबह प्रशासनिक व नगर परिषद अधिकारियों के साथ योजना के तहत किए गए कार्यों का निरीक्षण किया। उपायुक्त ने गांव फिरोजपुर, आल्हापुर, मोहन नगर, शमशाबाद, माल गोदाम रोड पर किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। इस अवसर पर कार्य की धीमी गति को उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि एनजीटी के आदेशानुसार से जल्द से जल्द योजना को पूरा कर लोगों को घरों के पानी के कनेक्शन किए जाएं, ताकि लोगों को परेशानी न हो। इस अवसर पर उन्होंने शहर में बढ़ती गंदगी व नालों की सफाई को लेकर भी अधिकारियों को गंभीरता से लेने को कहा।
मार्च 2020 में होना था कार्य पूरा, अभी तक मात्र 20 फीसदी ही हुआ
शहरवासियों को बेहतर सीवरेज व पेयजल सुविधा सुविधा दिए जाने के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपये की लागत से अमृत जल योजना का शुभारंभ किया था। योजना अगस्त 2018 में शुरू की गई थी। योजना अपने निर्धारित समय से न केवल देरी से चल रही है, बल्कि गति भी बेहद धीमी है। योजना के पूरा होने का समय मार्च 2020 है, परंतु इसकी गति को देखते हुए अगले दो साल तक भी इसके पूरे होने की उम्मीद नहीं है। विभाग के अनुसार योजना के तहत अभी तक 18 से 20 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। योजना के तहत पेयजल सप्लाई व सीवरेज पर 197 करोड़ रुपये खर्च किए जाने है। इसमें पानी की 130 किलोमीटर लंबी तथा सीवरेज की 150 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जानी है। जोधपुर व फिरोजपुर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू हो चुका है, जबकि किठवाड़ी में बनाए जाने वाला ट्रीटमेंट प्लांट कागजी कार्रवाई में उलझकर रह गया है। अभी तक पानी की 40 किलोमीटर और सीवरेज की मात्र 20 किलोमीटर की पाइप लाइन के लिए खुदाई की गई है। पेयजल के लिए 27 ट्यूबवैल लगाए जाने है, जबकि अब तक मात्र एक ट्यूबवैल लगा है तथा दो पर काम जारी है। बूस्टर बनाने का काम भी अधर में लटका हुआ है। इसके अलावा कई जगहों पेयजल व सीवरेज की लाइन बिछाने के लिए खुदाई कर दी गई है। खुदाई के कारण गलियों में पानी, कीचड़ भरा हुआ है और लोगों का रास्ता निकलना दूभर हो गया है। लोगों को आते-जाते समय खोदे गए गड्ढों में गिरने का भय सताता रहता है।
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