पलवल। गांव फुलवाड़ी निवासी मोहित की मौत मामले में बुधवार को परिजनों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना था कि पैसों के लेन-देन के कारण युवक की हत्या कर शव बहरौला पुल के समीप फेंका गया। जबकि, पुलिस ने दुर्घटना की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करा दिया। अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है। डीएसपी विजयपाल ने परिजनों को समझाकर मामले को शांत कराया। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
दरअसल, गांव फुलवाड़ी निवासी मोहित का शव बीती छह जून को बहरौला पुुल के समीप मिला था। मोहित के शरीर पर चोट के निशान थे, जबकि उसकी मोटरसाइकिल पर खरोंच तक नहीं थी। सदर थाना पुलिस ने मोहित के चचेरे भाई ब्रिजेश कुमार की शिकायत पर पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया। आठ जून को ब्रिजेश ने पुलिस को नई शिकायत दी, जिसमें कहा गया कि पैसों के लेन-देन को लेकर कुछ युवकों के साथ मोहित का विवाद चल रहा था। इस संबंध में उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। बीती छह जून को किसी ने उसे फोन कर बुलाया था। गांव कुसलीपुर स्थित होटल पर फोन करने वाले युवकों ने मोहित को शराब पिलाई और लड़ाई-झगड़ा किया। गांव निवासी होटल मालिक बीच-बचाव कराने लगा तो आरोपी युवक गाड़ी में बैठकर होडल की तरफ चले गए तथा मोहित की बाइक की चाबी साथ ले गए। बाद में युवकों ने मोहित को बहरौला पुल पर चाबी लेने के लिए बुलाया। मोहित ने ताऊ के लड़के मनोज के पास फोन कर कुछ रुपये मांगे और कहा कि मुझे जान का खतरा है। मनोज ने रुपये न होने की बात कही तो मोहित बहरौला पुल की तरफ चला गया। बाद में उसका शव बहरौला पुल पर मिला। परिजनों का आरोप है कि गांव बहरौला निवासी एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोहित की हत्या की है। बुधवार को प्रदर्शन कर रहे परिजनों को डीएसपी विजयपाल ने शांत कराया और उनसे मामले की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों से शिकायत लेकर एक सप्ताह के अंदर मामले की जांच करने का आश्वासन दिया। डीएसपी ने कहा कि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।