तावडू नगर पालिका चेयरपर्सन सुनीता ने बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। नूंह जिले के लिए 174.66 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बावजूद तावडू क्षेत्र खाली हाथ रह गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मेवात विकास एजेंसी की 32वीं बैठक में रखे गए 58 एजेंडों में तावडू से संबंधित एक भी प्रस्ताव शामिल नहीं था, जिससे क्षेत्र के विकास को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। करोड़ों की योजनाएं जिले के अन्य क्षेत्रों में जाने से स्थानीय लोगों में निराशा है।
यह मुद्दा तावडू नगर पालिका चेयरपर्सन सुनीता सोनी गोयल ने नूंह सचिवालय में हुई बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि तावडू भी नूंह जिले का हिस्सा है, फिर विकास योजनाओं में भेदभाव क्यों किया जा रहा है। तावडू को भी विकास परियोजनाओं में उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।चेयरपर्सन ने नगर पालिका में स्थायी अधिकारियों-कर्मचारियों की भारी कमी का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने बताया कि पालिका कार्यालय में सचिव, पालिका अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और लेखाकार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर स्थायी नियुक्ति नहीं है। अधिकारियों की कमी के कारण विकास कार्यों की योजना बनाने, निगरानी करने और उन्हें समय पर पूरा कराने में परेशानी आ रही है। सुनीता सोनी गोयल ने नगर पालिका के लिए पर्याप्त बजट और स्थायी सफाई अधिकारी उपलब्ध कराने की मांग भी की, ताकि गलियों, नालियों, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं के कार्य तेज हो सकें। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने शपथ ग्रहण किया था तब नगर पालिका में कोई बजट नहीं था और डेढ़ साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी तक बजट नहीं आया है, जिससे शहर का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द स्थायी अधिकारी-कर्मचारी नियुक्त किए जाएं और पर्याप्त बजट जारी किया जाए।