7 करोड़ रुपये के फजीवाड़े का आरोप
किसानों ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर मामले की जांच कराने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। किसानों ने फसल बीमा योजना में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। तिरवाड़ा गांव के दर्जनों किसानों ने 252 एकड़ कृषि भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के सात करोड़ रुपये का गलत तरीके से लाभ लेने का आरोप लगाया है। किसानों ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
किसान मोहम्मद रिजवान, शेर मोहम्मद, साकिर, शरीफ, साहिब, शाहिद, गुलदीन, सरफुदीन आदि ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग के कर्मचारियों, संबंधित हलका पटवारी, सर्वेयर और अन्य लोगों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर पोर्टल पर बीमा आवेदन किए गए।
किसानों ने पिछले वर्षों में किए गए आवेदनों, बैंक खातों में पहुंची राशि और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की मांग की है। साथ ही जमाबंदी, गिरदावरी, फर्द समेत अन्य दस्तावेजों की सत्यता, सर्वेयर की भूमिका तथा पोर्टल की एप्लीकेशन हिस्ट्री और लॉगिन रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।
जांच टीम आई तो हुआ खुलासा
किसानों ने बताया कि लाभार्थियों की जांच करने के लिए 25 सितंबर को पंचकुला से टीम आई तो उन्हें मामले की जानकारी मिली। किसानों का कहना है कि जब उन्होंने अपने स्तर पर जांच कराई तो पता चला कि उनकी जमीन पर पिछले कई वर्षों से बीमा की राशि कोई और ले रहा है। किसानों ने अनाज मंडी के कुछ आढ़तियों सहित कृषि विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका जताई है।
फ्रीज खातों को किस आधार पर चालू किया गया
किसानों के अधिकतर खाते को-ऑपरेटिव बैंक में हैं। बैंक में विभिन्न खातों में अचानक बड़ी राशि आने के बाद इन्हें बैंक प्रशासन की ओर से फ्रीज किया गया था। करीब सात-आठ माह तक फ्रीज रहने के बाद इन खातों को दोबारा चालू कर दिया गया। किसानों का सवाल है कि इन खातों को किस आधार पर चालू किया गया। इस संबंध में बैंक प्रशासन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। फर्जी दस्तावेज के आधार पर फसल बीमा लेने के आरोपों में बीमा कंपनी के सर्वेयर की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। हथन
वर्जन
सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाया जाए, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहा है। किसानों के साथ अगर किसी ने फर्जीवाड़ा किया है तो उसकी जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- अखिल पिलानी, जिला उपायुक्त
कोट
हमारी जमीन के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर कई वर्षों से फसल बीमा की राशि किसी और के खाते में ट्रांसफर की गई। इसकी जांच हो। - खालिद
फर्जी दस्तावेज तैयार करने से लेकर ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करने तक कई स्तर पर गड़बड़ी की आशंका है। जिम्मेदारों की पहचान हो। - अब्दुल हई
बीमा की राशि कुछ ऐसे बैंक खातों में पहुंचाने की बात सामने आई है, जिनका जमीन मालिकों से कोई संबंध नहीं है। पूरी जांच जरूरी। - मोहम्मद शाहिद
किसानों की जमीन और दस्तावेज का इस्तेमाल कर राशि ली गई है तो पूरी रकम की रिकवरी के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। - मोहम्मद नसीम