अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक सोमवार को पलवल पहुंचे। यहां की जाट धर्मशाला में उन्होंने एक बैठक में कहा कि आंदोलन के दौरान पुलिस ने जाट समाज के युवाओं का एनकाउंटर किया था। गुजरात व अन्य प्रदेशों में एनकाउंटर कर निर्दोषों को मारने वालों को जेल भेजा गया लेकिन यहां उन पुलिस अधिकारियों को तरक्की दी गई।
मलिक ने कहा कि संघर्ष समिति द्वारा पिछले दस वर्षों से चलाए जा रहे जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रैलियों, धरनों एवं प्रदर्शन में सुनील श्योराण की शहादत के बाद से 22 फरवरी को 21 जाट युवाओं ने आरक्षण के लिए शहादत दी है। इसके बाद हरियाणा सरकार ने हमारी मांग मान ली। जिन सात मुद्दों पर सहमति बनी है, उन्हें अभी पूरी तरह से माना नहीं गया है।
मलिक ने आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए दंगों पर कहा कि दंगों जाटों ने नहीं किए बल्कि इसके लिए अधिकारी व नेता जिम्मेदार हैं।
उन्होंने जेल भरो आंदोलन को नकारते हुए कहा कि हमें जेल नहीं भरनी, बल्कि जेलों में गए अपने साथियों को बाहर निकालना है, इसलिए 10 मई को जंतर मंतर पर प्रदर्शन होगा, जिसमें देशभर के जाट भाग लेंगे। उन्होंने जाट समाज की स्थानीय इकाई से अधिकाधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
बाद में प्रेस से रुबरू होते हुए यशपाल मलिक ने पूर्व मंत्री कांग्रेसी नेता कैप्टन अजय यादव को विकृत मानसिकता वाला व्यक्ति बताया है। मलिक ने कहा कि वो अपनी संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और देशभर में जहां चाहें जा सकते हैं, इसलिए कैप्टन का यह कहना कि यशपाल मलिक का हरियाणा से कोई लेना देना नहीं बेतुका है।
मलिक का पलवल पहुंचने पर स्थानीय संयोजक धर्मवीर तेवतिया, देशराज चौहान, समुंदर भाखर, इंद्र सिंह आर्य अलावलपुर, मनमोहन सिंह, बेगराज पूर्व सरपंच, किशन तेवतिया, प्रवीन डूडी ने स्वागत किया। इस मौके पर रोहताश तेवतिया, दीप चंद रावत अहरवां, बालकराम शास्त्री, जोगेंद्र डागर, टीका राम हुड्डा, राम खिलौनी, कैलाश तंवर, नागेश तेवतिया, रामरतन एसडीओ, सुभाष जनौली, तलाल सिंह मडनाका, हृदय नंबरदार, संजय चौधरी, चरणजीत मलिक, पवन चौहान, रामकिशन मलिक, केएस अहलावत, देवेंद्र सीही व नेपाल दुधौला मौजूद रहे।