मृतक ने सुसाइड नोट में एससी-एसटी एक्ट में फंसाने और कहीं सुनवाई न होने को बताया कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। एसी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज होने एवं एक पुत्र को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने से आहत होकर आली ब्राह्मण गांव के व्यक्ति ने सुसाइड नोट लिखकर पेड़ पर रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने कई घंटे तक लाश को पेड़ से नही उतारा। ग्रामीण सीधे एसपी से बात करना चाहते थे। ग्रामीणों को समझाने के लिए मौके पर बहीन थाना पुलिस सहित आसपास के थानों की पुलिस पहुंच गई, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। डीएसपी महेंद्र वर्मा ने मौके पर पहुंच कर लोगों को शांत किया और शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा।
शव की शिनाख्त गांव आली ब्राह्मण निवासी वेदप्रकाश के रूप में हुई है। उन्होंने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट लिखा था। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि उसको तथा उसके पुत्रों को एससी-एसटी एक्ट के तहत फंसाया जा रहा है। उनकी कहीं कोई सुनवाई नही हो रही है। इसी से आहत होकर वह फंदा लगा रहे है। सुसाइड नोट में उन्होंने कई लोगों के नाम भी लिखे हैं, जोकि आली ब्राह्मण गांव के ही निवासी हैं। मृतक के पुत्र श्याम सुंदर का कहना है कि उनके पिता ने गांव के ही अनिल द्वारा द्वारा दर्ज कराए गए केस और प्रताड़ना के कारण यह कदम उठाया है।
श्याम सुंदर ने बताया कि अनिल ने गांव में सीएससी सेंटर खोला हुआ है। वह सेंटर पर फार्म भरवाने गया था। अनिल ने उससे मोबाइल नंबर, आधार कार्ड एवं बैंक डिटेल ले ली। इसके बाद उसके खाते में कुछ पैसे डलवाए और निकलवा लिए। जिसके बारे में उसे कोई ज्ञान नही है। इसके बाद बहीन थाने में उसके नाम का नोटिस आया कि आपके खाते धोखाधड़ी की गई है। इसके बाद उन्हें मामले का पता चला और यह भी पता चला कि उनके पैसे भी निकाले गए है। इस पर वह अपने पिता वेदप्रकाश, सरपंच गंगा राम एवं अनिल को लेकर बहीन थाना गए, वहां आरोपी अनिल ने स्वीकार किया और कहा कि वह खाते से निकाले गए पैसे वापस दे देगा। इसके बाद उन्होंने अनिल और उसके परिवार वालों से धोखाधड़ी की गई धन राशि की मांग की।
पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने उसके भाई जतिन, ललित एवं उसके पिता वेदप्रकाश के साथ गाली गलौच, मारपीट और एससी-एसटी का केस दर्ज कराने एवं फंसाने की धमकी दी। इसके बाद 16 अप्रैल को अनिल ने उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करा दिया। पुलिस ने भी बिना किसी उचित जांच के ललित को गिरफ्तार कर लिया। गांव के लोगों ने अनिल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराना चाहा तो पुलिस ने केस दर्ज नही किया। इस बारे में उनके पिता ने साइबर थाना में भी शिकायत देनी चाही तो वहां भी शिकायत नही ली गई। इसके बाद उसके पिता ने अपने रिश्तेदार महेश भारद्वाज से मोबाइल पर बात करके बताया कि उनकी कहीं सुनवाई नही हो रही है और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इन्ही परिस्थितियों के कारण वह मानसिक दबाव में हैं। इसके बाद उनके पिता ने आत्महत्या कर ली।
श्याम सुंदर ने बलबीर, रघुवीर, धर्मवीर, मुकेश, राजकुमार, सुनील एवं अनिल, संजय, सुनीता, धर्मवती, हीरालाल, प्रकाश, कालू, आकाश, एवं सागर के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत और सुसाइड नोच जांच के बाद केस दर्ज किया जाएगा। -महेंद्र वर्मा, डीएसपी