संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू) के गुरुग्राम स्थित ट्रांजिट कैंपस में शनिवार को ‘वर्क प्लेस-2035’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें मानव संसाधन क्षेत्र के विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ऑटोमेशन, भविष्य की रोजगार संभावनाओं, तकनीकी बदलावों और कर्मचारियों के कार्य व्यवहार पर विचार साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी दौर में युवाओं के लिए नई तकनीकों को समझना और अपने कौशल को समय के अनुसार विकसित करना जरूरी है। तकनीकी बदलावों के अनुरूप खुद को प्रासंगिक बनाए रखकर ही भविष्य में आगे बढ़ा जा सकता है। कार्यक्रम में सीएसआईआर की पूर्व निदेशक डॉ. रंजना अग्रवाल भी उपस्थित रहीं। ट्रांजिट कैंपस की निदेशक प्रोफेसर सुजाता शाही ने अतिथियों का स्वागत किया।
परिचर्चा में मानव संसाधन विशेषज्ञ लोपामुद्रा बनर्जी, स्टैनवैक लिमिटेड के सीएचआरओ गगन दीप वर्मा, टेनेको के शुभंकर मलाकार और पारिजात इंडस्ट्रीज के देविंदर के. शर्मा ने भविष्य के कार्यस्थल और मानव संसाधन प्रबंधन की बदलती भूमिका पर विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर रुचि सक्सेना ने किया। वहीं, एमबीए वर्किंग प्रोफेशनल विद्यार्थियों के लिए डिजिटल फाइनेंस, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों और साइबर सुरक्षा पर विशेषज्ञ व्याख्यान भी आयोजित किया गया। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के देवब्रत दास और चीफ मैनेजर शैलेन्द्र डबराल ने विद्यार्थियों को डिजिटल भुगतान, सुरक्षित लेन-देन और वित्तीय तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी।