पलवल। करीब दो दर्जन गांवों में सिंचाई का पानी पहुंचाने वाली गौछी ड्रेन पर सिंचाई विभाग गांव अल्लीका के नजदीक लघु बांध बनाने जा रहा है। किसानों ने इसके विरोध में पंचायत की और प्रदर्शन करके उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
फरीदाबाद और पलवल को बाढ़ से बचाने के लिए गौछी ड्रेन बनाई गई थी। यह फरीदाबाद के गौछी गांव से शुरू होकर पलवल जिले के भनकपुर, अल्लीका, गहलब, बंचारी, सोन्हद, डाडका, नंगला एहसानपुर, सराय, अहरवां सहित दर्जनों गांवों के रास्ते यमुना में जाकर मिलती है। इस ड्रेन से फरीदाबाद के कारखानों और नालियों का गंदा पानी बहता है। ड्रेन जिन गांवों से गुजरती है वहां के किसान इसके पानी को सिंचाई के लिए प्रयोग करते हैं। सिंचाई विभाग गौछी ड्रेन में गांव अल्लीका के निकट पानी रोकने के लिए हैंप (लघु बांध) बना रहा है।
हैंप लगभग चार फुट ऊंचा बनाया जा रहा है। इसके बनने से पानी का बहाव आगे के लिए रुक जाएगा। गांव अल्लीका से गौछी ड्रेन जिन गांवों से गुजरती है, उन गांवों के लोगों ने पंचायत कर हैंप का विरोध किया है। किसानों ने नारेबाजी करते हुए जिला उपायुक्त अतुल कुमार को ज्ञापन सौंपा। गांव बंचारी के पूर्व सरपंच भूपराम सौरोत, सौंध के सरपंच अरुण कुमार, जिला पार्षद महेंद्र सिंह सहित तमाम लोगों ने देवीलाल पार्क में आयोजित पंचायत में कहा कि गौछी ड्रेन में लघु बांध बनाए जाने से दर्जनों गांवों की हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई नहीं हो पाएगी। उनका कहना था कि जिला प्रशासन ने यदि उनकी मांग नहीं मानी तो वो आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।