पलवल। डीएसपी हेडक्वार्टर कार्यालय में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएम) शुरू कर दिया गया। एसपी जगतसिंह हुड्डा ने इस सिस्टम को उद्घाटन किया। इस सिस्टम के माध्यम से पुलिस विभाग को फिंगर प्रिंट के लिए मधुबन नहीं जाना पड़ेगा और इस सिस्टम से फिंगर प्रिंट ऑन लाइन मधुबन भेजा जा सकते हैं और वहां से दस दिनों के अंदर इसकी रिपोर्ट कंप्यूटर के माध्यम से मिल जाया करेगी। जबकि पहले इसी काम में काफी लंबा समय लग जाता था।
एसपी जगतसिंह हुडडा के मुताबिक सीसीटीएनएम के माध्यम से अपराधियों की जानकारी तत्काल एक स्थान से दूसरे स्थान पर आदान प्रदान की जा सकेगी। कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से ऑन लाइन फिंगर प्रिंट मधुबन भेजे जाएंगे तथा ऑन लाइन उसकी रिपोर्ट करीब सात से दस दिनों में आ जाएगी। जबकि पहले इस काम में दो महीने का समय लग जाता था। इस सिस्टम का संबंध स्टेट क्राइम ब्यूरो मधुवन से होगा। जब भी कोई व्यक्ति किसी भी छोटे या बडे अपराध में पकड़ा जाएगा तो उसके इस कार्यालय में फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे। ये फिंगर प्रिंट मेल से मधुबन कार्यालय में भेज दिए जाएंगे। यदि उस व्यक्ति ने देश के किसी भी कोने में कोई अपराध किया है तो 5 मिनट में जिला पुलिस को उसका बायोडाटा मिल जाएगा। स्टेट क्राइम ब्यूरो का संबंध नेशनल क्राइम ब्यूरो के साथ जुड़ा हुआ है। यहीं बैठे-बैठे दिल्ली, मुंबई, कलकत्ता सहित किसी भी स्टेट से अपराधी के फिंगर प्रिंट की रिपोर्ट आसानी से मंगवाई जा सकेगी।
जिला स्तर पर प्रत्येक साल लगभग 20-30 हजार लोगों के फिंगर प्रिंट आ जाते हैं। अभी तक इन्हें कागज पर लिया जाता था। इससे तुरंत उनका मिलान अन्य जिलों व राज्यों से नही हो पाता था। अब ऑन लाइन प्रणाली शुरू हो जाने के पश्चात कोई अपराधी आसानी से पुलिस की नजर से बच नही पाएगा। पहली बार पकड़े जाने पर अपराधी के फिंगर प्रिंट स्टेट क्राइम ब्यूरो कार्यालय में भेजे जाएंगे। इसके अलावा अज्ञात शवों के फिंगर प्रिंट मशीन में स्टोर करेगी। यदि उसका रिकार्ड देश के किसी भी कोने में पुलिस में उपलब्ध होगा तो उसकी तुरन्त पहचान हो जाएगी।