सब्जी आढ़तियों की हड़ताल के बाद प्रशासन की खुली नींद
-एसडीएम ने सब्जी मंडी पहुंचकर दुकानदारों को दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
होडल। सब्जी मंडी मेें भरे बरसाती और गंदे पानी की निकासी की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे दुकानदारों ने एसडीएम गजेंद्र सिंह के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त कर दी। एसडीएम ने सब्जी मंडी में भरे गंदे और बरसाती पानी को एक सप्ताह में निकलवाने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग की तरफ से आने वाले पानी का निरीक्षण कर रोक लगाने का दुकानदारों को आश्वासन दिया है।
मंडी में पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का ऐलान किया था। जिसको लेकर इनेलो के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जगदीश नायर व दुकानदारों ने मंडी में पानी निकासी की गंभीर समस्या को लेकर दो दिन हड़ताल में सभी यूनियनों ने दुकानदारों को अपना समर्थन दे दिया था। मंडी में हड़ताल के बाद लोगों को सब्जी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। सब्जी मंडी में पिछले तीन महीनों से भरे पानी की समस्या को किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने गंभीरता से नहीं लिया। मंडी के दुकानदार बार-बार पानी निकासी की मांग करते रहे और प्रशासनिक अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। अब जब मंडी के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर हड़ताल शुरू की तो प्रशासन की नींद खुली। दुकानदारों की हड़ताल के दूसरे दिन एसडीएम गजेंद्र सिंह सब्जी मंडी में पहुंचे और दुकानदारों की समस्या को गंभीरता से सुना। यहां दुकानदारों ने एसडीएम को बताया कि मंडी में आसपास की कालोनियों और राष्ट्रीय राजमार्ग का पानी भी कई महीनों से भरा पड़ा है। उन्होंने बताया कि बरसाती पानी के अलावा सब्जी मंडी में सीवरेज व्यवस्था भी महीनों से ठप पड़ी हुई है। सफाई कर्मचारी यहां पहुंचते ही नहीं हैं। स्ट्रीट लाइट महीनों से बंद पड़ी हैं। यहां बने शौचालयों में ताले लटके रहते हैं। जिसके कारण दुकानदारों को नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। यहां दुकानदारों की मांग थी कि राजमार्ग से मंडी में आने वाले पानी को तुरंत प्रभाव से रोका जाए। दुकानदारों की समस्याएं सुनने के बाद एसडीएम ने आश्वासन दिया और राजमार्ग से आने वाले पानी का निरीक्षण करने के बाद पानी रोकने पर काम शुरू करवा दिया। मंडी के प्रधान जितेंद्र कुमार ने बताया कि अगर प्रशासन ने एक सप्ताह के अंदर मंडी से पानी निकासी की ठोस व्यवस्था नहीं की तो दुकानदार दोबारा से हड़ताल करने को विवश होंगे।