सचिवालय के शौचालय बदहाल, लोग ले रहे खेतों का सहारा
- साफ-सफाई और पानी की व्यवस्था नदारद, बदबू से बेहाल लोग
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। एक तरफ सरकार खुले में शौच मुक्त देश बनाने के लिए अभियान चला रही है वहीं दूसरी तरफ जिले में प्रशासन की नाक के नीचे ही सचिवालय में शौचालयों की हालत इतनी खराब है कि लोग वहां जाने से भी कतराते हैं। न तो यहां पानी की ठीक व्यवस्था है और न ही सफाई हो रही है। इस कारण शौचालयों से उठने वाली बदबू से परेशान लोग अब सचिवालय के आसपास खेतों में लघुशंका के लिए जाते हैं। ऐसे में सरकार का खुले में शौच मुक्त अभियान फेल होता नजर आ रहा है।
पलवल के लघु सचिवालय में ग्राउंड तल पर शौचालय बनाए गए हैं लेकिन उनकी हालत इतनी खराब है कि लोग वहां अब जाते ही नहीं हैं। शौचालय में लगाए गए सभी उपकरण टूटे पड़े हैं। पानी की भी वहां कोई उचित व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते कुछ लोग वहां शौच करने के बाद पानी नहीं डालते हैं। इससे वहां हर समय बदबू रहती है। लोग इस बारे में कई बार अधिकारियों से शिकायत भी कर चुके हैं।
सचिवालय में काम के लिए आए बुजुर्ग नानक चंद व जयराम ने बताया कि शौचालयों की हालत बेहद खराब है। न पानी की व्यवस्था है और न ही सफाई की। अधिकारियों की नाक के नीचे इतना बुरा हाल है तो जिले में अन्य जगहों पर क्या हाल होगा। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए तथा लोगों की परेशानी को समझना चाहिए। समाजसेवी मनीष जैन ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को अवगत कराने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी इस बारे में फोटो शेयर किए हैं, लेकिन उसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
इस बारे में आदेश दे दिए गए हैं। जल्द ही शौचालयों को ठीक कराया जाएगा तथा पानी की व्यवस्था कराई जाएगी। - डा. मनीराम शर्मा, जिला उपायुक्त