जिले के 50 बैंक्वेट हॉल बंद होने के कगार पर
पलवल। कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन में जहां बड़े-बड़े उद्योग धराशायी हो गए हैं, वहीं जिले के करीब 50 बैंक्वेट हॉल भी बंद होने की कगार पर हैं। संचालक हॉल की साफ-सफाई और कर्मचारियों के वेतन देने में असमर्थ हैं। हालांकि, अब सरकार ने शादी और अन्य कार्यक्रमों में 100 लोगों को शामिल होने की अनुमति दे दी है। इसके बावजूद कोरोना के डर से लोग कार्यक्रम नहीं कर रहे हैं। फिलहाल, शादी-विवाह भी बंद हैं और नवंबर से शादियां शुरू होंगी। इस कारण बैंक्वेट हॉल संचालकों का काम काम पूरी तरह से ठप है।
वाटिका को 50 हजार रुपये महीने के किराये पर लिया हुआ है। कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्चों पर भी इतना ही खर्च आ जाता है। कोरोना के कारण सभी बुकिंग रदद् हो गई हैं। करीब दो लाख रुपये पार्टियों को वापस देने पड़े। अब तो काम बंद करने की नौबत आ गई है।
- किशन चंद दीक्षित, संचालक केसी वाटिका, पलवल
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कोरोना ने धंधा चौपट कर दिया है। शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रम बंद हैं। सभी बुकिंग भी रद्द हो गई हैं। अब हालात ये हैं कि कर्मचारियों को निकालना पड़ रहा है। दो-चार माह बाद पैलेस को बंद करने की नौबत आ जाएगी।
देवेंद्र भाटिया, गोबिंदम पैलेस, होडल
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कोरोना के कारण ढाबा बंद है। बुकिंग रद्द कर पैसे भी वापस करने पड़े। हर महीने करीब 2 लाख रुपये खर्च हो रहा है। कमाई के नाम पर कुछ नहीं है। इस दौरान कर्मचारियों का वेतन देना भी मुश्किल हो रहा है। सरकार को ऐसे व्यापारियों के लिए पैकेज लाना चाहिए।
- पराग चुटानी, संचालक ग्रांड प्रकाश ढाबा पलवल