फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए ठगी करने वाले 5 गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
पलवल। ऑनलाइन वेबसाइट पर सामान बेचने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के पांच बदमाशों को अपराध जांच शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी दस्तावेज से बैंक खाता खुलवाकर पैसे जमा करवाकर निकाल लेते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से एक स्विफ्ट कार, 9 मोबाइल, 49 सिम कार्ड, 18 सिम कार्ड ब्लैंक, 20 पासपोर्ट साइज फोटो, 8 डेबिट कार्ड, 3 पेटीएम अकाउंट और 18 आधार कार्ड बरामद किए हैं। आरोपियों को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश कर तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है।
विज्ञापन

अपराध जांच शाखा प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि 7 सितंबर को बालीनगर निवासी सिमरन ने कैंप थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके व उसकी बहन दिव्या के नाम से किसी ने केनरा बैंक में फर्जी खाता खुलवा रखा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान 8 सितंबर को गांव रजपुरा निवासी तारिफ, उटावड़ निवासी सब्बीर व रनियाला खुर्द निवासी सलीम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो पूरा मामला सामने आया। आरोपी ऑनलाइन वेबसाइट पर सामान बेचने के नाम पर ठगी करने का कार्य करते थे। पुलिस से बचने के लिए फर्जी बैंक व पेटीएम खाता खुलवाते थे।
आरोपियों ने बताया कि तारिफ पेटीएम अकाउंट की बंद पड़ी सिम को दोबारा एक्टीवेट कराने व खाता खुलवाने का काम करता था जबकि सलीम सिम कार्ड, बैंक व पेटीएम खाता खोलने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। सब्बीर खातों में ऑनलाइन पैसे जमा करवाने का काम करता था। उनके साथ शमशाबाद निवासी प्रवीण कुमार फर्जी फ्लैक्सी और सिम कार्ड उपलब्ध करवाता था जबकि पिनगवां निवासी पंकज फर्जी आधार कार्ड तैयार करता था। पुलिस ने प्रवीण और पंकज को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
विज्ञापन

इस तरह करते थे ठगी
आरोपी ट्रूू कॉलर के जरिए बंद पड़ी सिम से उपभोक्ता का नाम पता करते थे। पेटीएम पर रजिस्टर्ड नंबर का फर्जी आधार कार्ड तैयार करके नया सिम जारी करवाया जाता था। वे इस सिम को तीन से साढे़ तीन हजार रुपये और पेटीएम खाते व एटीएम कार्ड को 10 हजार रुपये में बेच देते थे। वहीं सिम के पुराने उपभोक्ता का फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर केनरा, आइसीआइसीआई, कोटेक महिंद्रा आदि बैंकों में फर्जी खाते खुलवाकर भी लोगों को 10 हजार रुपये में बेचा जाता था। इसके साथ ही ओएलएक्स जैसी वेबसाइटों पर सामान बेचने के नाम पर भी लोगों को झांसे में लेकर खातों में रुपये जमा करवाकर निकाल लेते थे।
वर्जन-
गिरोह के बदमाशों ने हिमाचल, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान आदि राज्यों में भी इस प्रकार के फर्जी बैंक खाते खुलवाए हुए हैं। इनमें ऑनलाइन सामान खरीदे जाने की पेमेंट जमा करवाकर निकाल लेते हैं। गिरोह में सौ से ज्यादा बदमाश हैं, जिन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की चार टीमें काम कर रही हैं। - दीपक गहलावत, जिला पुलिस अधीक्षक पलवल
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें