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Palwal News: 41 पेज की चैट, ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और कॉल रिकॉर्डिंग्स से सामने आया सच

Sat, 11 Oct 2025 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
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- 150 रुपये के मुनाफे से शुरू हुआ भरोसा, 3.50 लाख की ठगी ने ली जान
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- सर्वेश की मोबाइल डायरी ने खोला साइबर जाल का राज
संवाद न्यूज एजेंसी

पलवल। शुरुआत में परिवार ने मानसिक तनाव को मौत का कारण माना, लेकिन दो दिन बाद जब मोबाइल चेक किया गया तो व्हाट्सएप-टेलीग्राम चैट, ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और वॉइस कॉल रिकॉर्डिंग से पूरे मामले का खुलासा हुआ। सर्वेश ने 41 पेज की चैट और कॉल रिकॉर्डिंग्स संभालकर रखी थीं। जिनसे ये साफ हो गया कि वह ठगी का शिकार हुआ था और मानसिक रूप से टूट चुका था। 21 वर्षीय एमबीए छात्र सर्वेश का यह मामला सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि यह बताता है कि कैसे साइबर ठग अब युवाओं के सपनों और भरोसे को निशाना बना रहे हैं।


सर्वेश ने ऑनलाइन मेघा इंडिया प्रा. लि. नाम की कंपनी के माध्यम से पैसे दुगुने करने की एक स्कीम देखी। ठगों ने उसे शुरुआत में केवल 150-150 रुपये के निवेश पर मुनाफा दिखाया। रकम खाते में आई तो सर्वेश को भरोसा हुआ और यही उसकी सबसे बड़ी भूल बन गई। धीरे-धीरे ठगों ने उससे हजारों रुपये निवेश करवा लिए। उन्होंने अलग-अलग यूपीआई खातों में रकम भेजने को कहा कभी संतोष, कभी रिसाल, कभी मिथुन या मुख्तार के नाम पर। कुछ ही दिनों में सर्वेश ने अपने और परिवार के खातों से 3.5 लाख रुपये भेज दिए।
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व्हाट्सएप-टेलीग्राम चैट में दर्ज था दर्द

मोबाइल में मिली चैट्स में सर्वेश बार-बार पैसे लौटाने की मांग करता दिखा। हर बार ठगों ने या तो झूठे स्क्रीनशॉट भेजे या कहा कि थोड़ा और डालो, तभी सब रिटर्न मिलेगा। 30 सितंबर की शाम 6:10 बजे हुई आखिरी कॉल में सर्वेश ने कहा था। अगर पैसे नहीं लौटाए तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। दूसरी ओर से ठगों ने उसकी बात को मजाक समझा। उन्होंने पैसे की मांग जारी रखी और कुछ घंटे बाद सर्वेश ने फंदा लगा लिया।

सर्वेश का फोन बना गवाह

दो दिन बाद जब परिवार ने मोबाइल खंगाला तो 41 पेज की चैट, ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और कॉल रिकॉर्डिंग्स से सच सामने आया। हर रिकॉर्ड में ठगों की चाल, धमकी और झांसे की कहानी थी। पुलिस को दी गई शिकायत के साथ परिवार ने ये सभी डिजिटल साक्ष्य सौंपे। मोबाइल और 8 जीबी की पेन ड्राइव में संरक्षित डाटा के साथ।
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ठगी का नया चेहरा, माइक्रो इन्वेस्टमेंट स्कैम

सर्वेश की कहानी एक नई प्रवृत्ति उजागर करती है, माइक्रो इन्वेस्टमेंट स्कैम की। इसमें ठग शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा देकर भरोसा जीतते हैं, फिर धीरे-धीरे रकम बढ़वाकर पीड़ित को पूरी तरह फंसा लेते हैं। यह तरीका खास तौर पर युवाओं, छात्रों और ऑनलाइन कमाई करने वालों को निशाना बनाता है। थाना गदपुरी पुलिस ने धारा 108 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब सभी संदिग्ध खातों, यूपीआई आईडी और लिंक्ड नंबरों की जांच की जा रही है। सर्वेश के परिजन चाहते हैं कि इन ठगों को सख्त सजा मिले, ताकि किसी और का बेटा इस तरह झूठे ऑनलाइन मुनाफे के चक्कर में अपनी जिंदगी न गंवाए।
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