प्रत्येक अधिकारी पांच स्कूलों का करेंगे नियमित दौरा, विद्यार्थियों से संवाद और मार्गदर्शन पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल की है। अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश के तहत प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को जिले के सरकारी स्कूलों की नियमित मेंटरिंग और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। योजना के तहत 180 सरकारी स्कूलों को 36 अधिकारियों से टैग किया गया है। प्रत्येक अधिकारी को पांच-पांच स्कूल आवंटित किए गए हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अधिकारियों के स्कूल दौरे केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्हें विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों के साथ सीधे संवाद कर स्कूलों की वास्तविक स्थिति समझने और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारी विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, रुचि, भविष्य की योजनाओं और करियर को लेकर बातचीत करेंगे तथा उन्हें अपनी क्षमताओं के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
अधिकारियों को अपने प्रशासनिक और व्यावसायिक अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा करने के लिए भी कहा गया है। इसके अलावा स्कूलों में शिक्षा का स्तर, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाएं, शिक्षकों से संबंधित समस्याएं और समुदाय की भागीदारी जैसे विषयों पर भी जानकारी जुटाई जाएगी। दौरे के दौरान सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए व्यावहारिक सुझाव भी दिए जाएंगे।
प्राथमिक स्कूलों में भी होगी एफएलएन समीक्षा
आदेश के अनुसार, अधिकारी को आवंटित मिडिल या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के साथ उसी परिसर या आसपास स्थित प्राथमिक विद्यालय का भी दौरा किया जा सकता है। प्राथमिक स्कूलों में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी यानी बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। स्कूलों में पेयजल की स्थिति की जांच के लिए पीएचईडी के जेई या एसडीओ को भी संबंधित अधिकारी के साथ भेजा जाएगा।
निरीक्षण रजिस्टर में दर्ज करनी होगी रिपोर्ट
स्कूल दौरे के बाद संबंधित अधिकारी को अपने निरीक्षण और सुझाव स्कूल के निरीक्षण रजिस्टर में दर्ज करने होंगे। इसके अलावा साप्ताहिक स्कूल विजिट रिपोर्ट उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय को भेजनी होगी।
पत्र पर तारीख को लेकर उठे सवाल
अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय से जारी पत्र की तारीख भी चर्चा का विषय बन गई है। पत्र में ऊपर 30 अक्टूबर दर्ज है, जबकि कार्यालय की ओर से जारी पत्र के क्रमांक और संबंधित प्रक्रिया को लेकर इसे 30 सितंबर से जोड़कर देखा जा रहा है। तारीख में इस अंतर को लेकर सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वहीं, पत्र में तारीख को लेकर सामने आई विसंगति ने प्रशासनिक स्तर पर पत्र तैयार करने और जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पत्र को लेकर लोग इसे अधिकारियों की कार्यप्रणाली से जोड़कर चर्चा कर रहे हैं।
वर्जन
इस पहल से निश्चित तौर पर मेवात की शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। जब अधिकारी स्कूलों में जाएंगे तो स्कूल के अंदर बनी हुई खामियों के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी, जिनका सही समय पर समाधान किया जा सकेगा। सभी अधिकारियों के लिए स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं।
- अखिल पिलानी, उपायुक्त
इन अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी सूची में एफपी झिरका की एसडीएम रुहानी, आईएएस, एसीयूटी नूंह अमीतेज पंगतेय, आईएएस, डीएमसी नूंह शशि वशुंधरा, एचसीएस, एसडीएम नूंह कुंवर आदित्य विक्रम, एचसीएस, एसडीएम तावड़ू जितेंद्र गर्ग, एचसीएस, एसडीएम पुन्हाना अमित कुमार, एचसीएस, डिप्टी सीईओ एमडीए अशोक कुमार, एचसीएस, सीटीएम नूंह अप्रतिम सिंह, एचसीएस और आरटीए सचिव मुनीष सहगल, एचपीएस को शामिल किया गया है।
इसके अलावा जीएम हरियाणा रोडवेज नूंह प्रदीप, डीडीपीओ नूंह नरेंद्र सरवान, जिला परिषद के डिप्टी सीईओ राकेश मोर, एक्सईएन पीआर नूंह योगेश शर्मा, एक्सईएन पीएचईडी-1 नूंह अमित, एक्सईएन पीएचईडी-2 पुन्हाना रोहित, एक्सईएन पीएचईडी-3 पलवल विनय, एक्सईएन नगर परिषद नूंह दलचंद, एक्सईएन डीएचबीवीएन नूंह कुलदीप अत्री और एक्सईएन पीडब्ल्यूडी नूंह प्रदीप संधू को भी स्कूलों की मेंटरिंग और मॉनिटरिंग के लिए सूची में रखा गया है।
इसी तरह बीडीपीओ नूंह एवं पिनंगवां अंकित यादव, बीडीपीओ इंडरी नितिन यादव, बीडीपीओ एफपी झिरका अजीत सिंह, बीडीपीओ तावड़ू अरुण यादव, बीडीपीओ नागिना विशाल आजाद और बीडीपीओ पुन्हाना कपिल सिंगला को भी जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक्त नूंह के नायब तहसीलदार जयप्रकाश, तावड़ू की तहसीलदार रीता, तावड़ू के नायब तहसीलदार दया चंद, नागिना के नायब तहसीलदार रवि, एफपी झिरका के तहसीलदार दिवेक, इंडरी के नायब तहसीलदार रवि, पुन्हाना के तहसीलदार संजीव नगर और पुन्हाना के नायब तहसीलदार हरीश भी सूची में शामिल हैं।
जारी आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित स्कूल प्रमुखों को इसकी जानकारी देने तथा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को प्राथमिक स्कूलों में एफएलएन की समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पीएचईडी के कार्यकारी अभियंताओं को स्कूल दौरे के दौरान पेयजल की जांच के लिए जेई या एसडीओ की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि अधिकारियों के नियमित संवाद और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को शिक्षा से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी।