संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। खंड के गांव रानीका के लिए चौथा दिन राहत भरा रहा और चिकित्सकों की टीम ने कड़ी मेहनत करते हुए एक मरीज को आईसीयू से बाहर निकाला। अब केवल 3 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं, बाकी पांच मरीज खतरे से बाहर है। मंगलवार को दो बच्चों के शवों को रानीका गांव के कब्रिस्तान में दफनाया गया।
रानीका गांव के सरपंच पति हबीब का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती और उनके परिवार की मेडिकल जांच लगातार की जा रही है उनके खून पेशाब के नमूने लिए भेज दिए गए हैं तथा 4 मृतक बच्चों की जांच मधुबन लैब भेजी गई है।
शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. पवन कुमार का कहना है कि डॉक्टरों की विशेष टीम भर्ती किए गए रानीका गांव के मरीजों के इलाज में जुटी हुई है। अब जाकर उम्मीद बनी है कि यह सभी 8 मरीज बच जाएंगे। कल तक इनकी हालत खराब थी। देर शाम मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मुकेश वशिष्ठ ने रानीका गांव का दौरा किया और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि फिलहाल मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मृतक 4 बच्चों के लिए 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया है। मेडिकल कॉलेज नल्हड़ में भर्ती 8 मरीजों के इलाज पर जितना खर्च आएगा उसे हरियाणा सरकार वहन करेगी। वहां मौजूद जुबेर व इकबाल ने कहा कि जो मुआवजा राशि मुख्यमंत्री द्वारा देने का ऐलान किया है उस में इजाफा किए जाने की आवश्यकता है। अभी भी परिजनों को सांत्वना देने के लिए नेता, रिश्तेदार व अन्य जानकार लोग गांव में पहुंच रहे हैं। कुछ सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि भी गांव में पहुंचे। मौके पर सरफूदीन खान मेवाती, कवि निसार कोटिया, इकबाल खान आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।