वैदिक जनचेतना यात्रा का बडौली में स्वागत
पलवल। वैदिक जनचेतना यात्रा का शनिवार को गांव बडौली पहुंचने पर जेएम मेमोरियल स्कूल में स्वागत किया गया। इस अवसर पर यज्ञ किया गया। यज्ञ तुलाराम आर्य व राजदेव नैष्ठिक ने संपन्न कराया। इस अवसर पर वैदिक धर्म प्रचारिणी सभा के कार्यकारी प्रधान नारायण सिंह आर्य ने कहा कि हवन करने से वातावरण शुद्ध होता है। उन्होंने बताया कि श्रीराम और योगेश्वर कृष्णचंद्र प्रतिदिन दोनों समय ब्रह्मयज्ञ और हवन किया करते थे। अजय कुमार प्रभाकर ने कहा कि आर्य समाज अविद्या का नाश और विद्या की वृद्धि करना चाहता है, क्योंकि विद्या मुक्ति का साधन है और अविद्या बंधन का मुख्य कारण है। ओमप्रकाश पांचाल ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता के आंदोलन में जेल जाने वाले अधिकांश आर्य समाज के कार्यकर्ता थे। उन्होंने बताया कि महर्षि दयानंद के विद्यादाता ब्रह्म ऋर्षि विरजानंद दंडी की अध्यक्षता में 1856 में मथुरा के जंगलों में एक पंचायत हुई थी जिसमें हिंदू व मुसलमानों ने भारी संख्या में हिस्सा लिया था। इस पंचायत का उद्देश्य 1857 की क्रांति को सफल बनाना था। इस अवसर पर धनसिंह बैंसला, सुरेंद्र कुमार, सुनील पोसवाल, नवनीत आर्य, पण्डित नरेंद्र दत्त आर्य, जीतराम, चंद्रपाल, रमेश आर्य, अनिल आर्य और चंद्रभान आदि मौजूद थे।