स्तनपान सप्ताह के समापन हुआ जागरूकता कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। कृषि विज्ञान केंद्र मंडकौला में मंगलवार को स्तनपान सप्ताह के समापन पर जागरूकता शिविर लगाया गया। सप्ताह के दौरान गांव मानूवास, इंडरी, मंडकौला एंव खेड़ली जीता में महिलाओं को शिशु के लिए मां के दूध की उपयोगिताओं के बारे में जागरूक किया गया।
गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. सुमित्रा यादव ने कहा कि जन्म के बाद शिशु के लिए मां का दूध अमृत समान है, क्योंकि यह शिशु की सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि जन्म के एक घंटे के अंदर मां का पहला पीला गाढ़ा दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहते है शिशु को अवश्य पिलाएं, क्योंकि यह शिशु को कई संक्रामक रोगों से बचाता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में शक्ति, उत्तम प्रोटीन, वसा, लैक्टीज, विटामिन, लोहा, मिनरल, पानी और इंजाइम हैं। स्तनपान कराए जाने वाले शिशुओं की बुद्धि का विकास उन शिशुओं से तेज होता है, जिन्हें स्तनपान नहीं कराया जाता। डॉ. यादव ने बताया कि स्तनपान स्तन और अंडाशय के कैंसर के खतरे को कम करता है तथा हड्डियों को कमजोरी से बचाता है। इसलिए शुरू के छह माह तक केवल शिशु को स्तनपान कराएं।