पुलिस ने बस अड्डा परिसर में धरने पर बैठे कर्मचारियों को खदेड़ा
-पुलिस की सख्ती देख कर्मचारी ब्राह्मण धर्मशाला में धरने पर बैठे
पलवल। हिसार में बुधवार को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान विवाद उत्पन्न करने के बाद पुलिस व प्रशासन यहां भी सख्त हो गया है। बस अड्डा परिसर में हड़ताल पर बैठे रोडवेज कर्मचारियों को पुलिस बल ने बृहस्पतिवार को सुबह पहुंचकर धरने पर नहीं बैठने दिया तथा परिसर से खदेड़ दिया। पुलिस बल द्वारा रोडवेज कर्मचारियों को बस अड्डा परिसर के अंदर घुसने तक नहीं दिया।
पुलिस का कहना था कि हड़ताल व धरनों के लिए पलवल में सेक्टर 14 को चयनित कर दिया गया है, वहां बैठकर धरना दें। जबकि कर्मचारी बस अड्डा परिसर में धरना देने पर अड़े थे, लेकिन पुलिस बल की सख्ती के बाद कर्मचारी ब्राह्मण धर्मशाला में जाकर धरना लगाकर बैठ गए हैं। वहीं बृहस्पतिवार को भी हड़ताल के चलते रोडवेज की बसों के ठीक से न चलने के कारण यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने इस संदर्भ में परिवहन निगम के महाप्रबंधक से भी मुलाकात कर रोडवेज की बसों को समय पर चलाने की मांग की। वहीं प्रबंधक ने बताया कि हड़ताल के बावजूद पलवल में रोडवेज की बसों का सही से संचालन किया जा रहा है। रोडवेज कर्मचारियों की आज हड़ताल को 16 वां दिन था। पुलिस व प्रशासन की सख्ती के चलते कर्मचारी नेताओं में रोष है। कर्मचारी नेताओं का आरोप था कि सरकार शांति पूर्वक चल रहे धरने को खत्म कराकर कर्मचारियों की आवाज दबाना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे किसी भी कीमत पर 720 प्राइवेट बसों के परमिट के फैसले को नहीं मानेंगे तथा जब तक यह फैसला रद्द नहीं होगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
वहीं बस अड्डा पर बस के इंतजार में खड़े होडल निवासी राजपाल, जेवर निवासी महिपाल व नूंह निवासी शमशुद्दीन ने बताया कि आए दिन ऐसा हो रहा है, जब बसों के चक्कर में एक-एक घंटे इंतजार करना पड़ता है और बाद में तिपहियों व अवैध वाहनों में सफर करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि पहले ही रोडवेज की बसें कम थी और अब हड़ताल के चलते परेशानी हो रही है। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। हड़ताल खत्म होनी चाहिए।
परिवहन निगम के महाप्रबंधक लाजपत राय का कहना है कि बस अड्डा परिसर में अब हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों को धरना नहीं देने दिया जाएगा। इसके लिए सरकार से आदेश हैं। उसी आदेश के तहत पुलिस ने कर्मचारियों को यहां से हटा दिया है। परिवहन निगम द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि लोगों को परिवहन सेवाओं में कोई परेशानी न हो।