ऑनलाइन राशनकार्ड बनवाने में छूट रहे पसीने
लोगों में जागरूकता की कमी आ रही आड़े, घंटों लाइन में लगने के बावजूद नहीं हो रहा काम
होडल। सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा अधिकतर योजनाओं से लोगों को ऑनलाइन जोड़ा जा रहा है। इसी के तहत राशन कार्ड बनवाने के लिए भी सरकार ने हर उपमंडल में एक सेंटर खोले हैं। लेकिन कहीं लोगों में जागरूकता की कमी तो कहीं कर्मचारियों की लापरवाही के कारण इसका लाभ लेने में लोगों के पसीने छूट जाते हैं। इसी की बानगी पुन्हाना मोड़ पर स्थित लघु सचिवालय में शुक्रवार को देखने को मिली। यहां तीसरी मंजिल पर खाद्य आपूर्ति विभाग के कार्यालय में ऑनलाइन राशन कार्ड बनवाने के लिए घंटों से लाइन में लगी महिलाओं का हाल बेहाल था।
एक महिला वहां मौके पर मौजूद अधिकारियों से कह रही थी कि वह कई घंटों से लाइन में लगी है लेकिन उसका राशन कार्ड बनाने का कार्य पूरा नहीं हो रहा है। होडल उपमंडल के खाद्य आपूर्ति विभाग के कार्यालय में बनाए जा रहे कंप्यूटराइज्ड राशन कार्ड पाने में लोगों को अब काफी जद्दोजहद करना पड़ रहा है। 13 साल से पुराने कार्ड धारक होने के बावजूद अब उन्हें नए राशन कार्ड हासिल करने के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। ढेर सारी खानापूर्ति के करने के बाद भी लोगों को राशन कार्ड मिलना मुश्किल हो गया है।
कंप्यूटराइज्ड राशन कार्ड बनाने में तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कुछ महिला कार्ड धारक बैंकों और तहसीलों के चक्कर काटकर थक हारकर घर बैठ गई हैं। उन्होंने राशन कार्ड बनवाने का इरादा ही छोड़ दिया है। अब राशन कार्ड बनवाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। तहसील, बैंक और खाद्य पूर्ति कार्यालय के आए दिन चक्कर लगाकर कार्ड धारक थक चुके हैं।
क्या कहते हैं शहर के लोग
कार्यालय में राशन कार्ड बनवाने आई महिला सुमन, रेखा, शकुंतला, बसंती और राम भतेरी का कहना है कि सुबह के आने के बाद शाम तक भी राशन कार्ड नहीं बन पाता। अपने घरेलू कार्य को छोड़ कर यहां आते हैं और खाली हाथ वापस घर लौट जाते हैं। महिलाओं का कहना था कि आए दिन यही हाल हो रहा है। होडल उपमंडल में इन महिलाओं व लोगों की समस्या को सुनने वाला तक कोई नहीं है।
क्या कहते हैं अधिकारी
सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी भारत भूषण का कहना है कि कंप्यूटराइज्ड राशन कार्ड बनाने का कार्य चल रहा है। विभाग के अधिकारी व कर्मचारी कंप्यूटर पर कार्य कर रहे हैं। कार्ड धारकों द्वारा भरे गए फॉर्म में गलती होने के कारण कंप्यूटर ने फार्म रिजेक्ट कर दिए हैं। इसी कारण इसके लिए पुन: औपचारिकताएं कराई जा रही हैं, जिससे जल्द से जल्द नए राशन लोगों को जारी किए जा सकेें। कई बार कम्प्यूटर में चढ़ाने के दौरान देरी हो जाती है, फिर भी प्रयास रहता है कि लोगों का काम जल्द हो जाए।