बरसाती बीमारियों से निपटने को स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर
- ग्रामीणों को जागरूक करने का सीएमओ ने स्वास्थ्य कर्मियों को दिया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
होडल। बरसात के बाद फैल रही बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। हाल ही में चिकनगुनिया, डेंगू, मलेरिया, डायरिया, वायरल, बुखार इत्यादि से लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए होडल सिविल अस्पताल के तहत पड़ने वाले अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्रों को पलवल के सीएमओ डा. प्रदीप कुमार शर्मा ने दिशानिर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि वे ग्रामीणों को जागरूक करें कि वे अपने आसपास पानी का जमाव न होने दें। अगर कहीं बरसात का पानी जमा है तो उसमें काले तेल, टेमिफोस का शीघ्र छिड़काव करें। बीमार व्यक्तियों को पानी उबालकर पिलाएं तथा सभी को क्लोरिन टेबलेट चाटने की सलाह दें।
डा. प्रदीप कुमार शर्मा ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों से नियमित ओपीडी कर लोगों को ओआरएस, रासिटामोल, मैट्रोजिल, जिंक सल्फेट, क्लोरिन, टेबलेट, सिपरोफ्लोक्सासिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एमपीएचडब्ल्यू से कहा कि वे प्रतिदिन अपने अपने क्षेत्र में मलेरिया से संबंधित स्लाइड तैयार करें। अगर डायरिया, मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, चिकनपॉक्स, बुखार इत्यादि बीमारियों से ग्रस्त कोई व्यक्ति है तो इसकी जानकारी पलवल सिविल अस्पताल को दें। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि वे रविवार व राजपत्रित अवकाश के दिन भी किसी अन्य कर्मचारी की ड्यूटी लगाने की व्यवस्था करें। अगर किसी भी स्वास्थ्य कर्मी को कोई दिक्कतें आती हैं तो वह कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क कर उन्हें हल करवाने का प्रयास करें।
उन्होंने निजी अस्पताल संचालकों के साथ लैब संचालकों को लोगों में भ्रम नहीं फैलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। बताया कि नागरिक अस्पताल में एलाइजा टेस्ट विधि से मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया की जांच की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। चिकित्सकों की भी कमी नहीं है। निजी अस्पतालों में कार्ड विधि से जांच करने के बाद इलाज हो रहा है लेकिन यह बीमारी की पुष्टि नहीं करती। कोई भी लैब संचालक या निजी अस्पताल मरीजों से डेंगू, मलेरिया या चिकनगुनिया की जांच के लिए 600 रुपये से अधिक राशि नहीं ले सकता।