नियमों को ताक पर रखकर बिना लाइसेंस के चल रही हैं मीट की दुकानें
-मीट की अवैध दुकानों को बंद कराने के लिए शुरू होगा आंदोलन
-उपायुक्त ने कहा होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। शहर की सड़कों पर खुलेआम बिना लाइसेंस और नियमों का उल्लंघन कर चल रही मीट की दुकानों पर बेची जा रही मीट को लेकर एक बार फिर शहर के लोग उग्र होने लगे हैं। सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने एक बार फिर से शहर में अवैध रूप से चल रही मीट की इन दुकानों के खिलाफ आंदोलन चलाने का मन बना लिया है। इस बारे में लोगों ने जिला उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा को भी अवगत करा दिया है। हालांकि लोगों द्वारा मीट की दुकानों के खिलाफ आंदोलन चलाने की बात पर उपायुक्त ने लोगों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शहर में इन दिनों पुराने सोहना रोड पर, हथीन गेट के पास, अलीगढ़ चौक, रसूलपुर रोड, कैंप, अलावलपुर रोड सहित कई हिस्सों में धड़ल्ले से खुलेआम मीट बेचा रहा है। यहां दुकानों पर मीट बेच रहे दुकानदारों के पास नगर परिषद से कोई लाइसेंस भी नहीं बनवाया हुआ है न ही नियमों का पालन किया जा रहा है, उसके बाद भी नगर परिषद अधिकारी मूक दर्शक बने बैठे हैं। इन मीट विक्रेताओं के खिलाफ शहर में कई बार आंदोलन चलाया गया है, लेकिन फिर भी अधिकारियों को इसकी परवाह नहीं है।
एक बार शाकाहारी शहर घोषित हो चुका है
पलवल शहर को एक बार वर्ष 2003 में पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की सरकार में नगर परिषद द्वारा पूर्ण रूप से शाकाहारी शहर घोषित किया था। उसे लेकर शहर में खूब आंदोलन भी चलाए गए तथा शहर से मीट की दुकानों को पूरी तरह से बंद करा दिया गया था। उसके बाद मीट विक्रेता अदालत में चले गए तथा उच्च न्यायालय ने इसके लिए शहर के बाहर अलग से मीट मार्केट बनाने के आदेश दे दिए थे। अदालत के आदेश पर नगर परिषद द्वारा रसूलपुर रोड पर रेलवे फाटक के पास अलग से मीट मार्केट का निर्माण भी करा दिया तथा दुकानदारों को दुकानें भी अलाट कर दी थीं, लेकिन आज तक एक भी मीट विक्रेता उन दुकानों में नहीं गया तथा खुलेआम शहर के अंदर ही मीट की दुकानों को खोलकर बैठा हुआ है।
अब उठाया महंत कामता दास ने मुद्दा
शहर के अंदर चल रही इन मीट की अवैध दुकानों को बंद कराने के लिए एक बार फिर से आवाज उठी है। इस बार एतिहासिक पचोवन मंदिर के महामंडलेश्वर महंत कामता दास ने यह मुद्दा उठाया है। उन्होंने उपायुक्त डा. मनीराम शर्मा से इस मामले में हस्तक्षेप कर शहर के अंदर से मीट की दुकानों को बंद करवाकर बाहर बनी हुई मीट की दुकानों में तबदील कराने की मांग की। उनके अलावा आर्य समाज के संन्यासी स्वामी श्रद्धानंद ने भी पिछले काफी समय से यह अभियान छेड़ा हुआ है। वहीं अन्य सामाजिक संगठन भी अब इस आंदोलन से जुड़ने लगे हैं।
जिला उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा का कहना है कि शहर में अवैध रूप से चल रही मीट की दुकानों को बंद कराया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद अधिकारियों को आदेश दे दिए हैं तथा नियमों के तहत जल्द कार्रवाई की जाएगी। शहर के बाहर बनी मीट की मार्केट में इन दुकानों को तब्दील कराया जाएगा।