फोटो: नूंह रोड़ पर गांव बावला- भाजलाका सीमा में स्थित पेपर मील से निकलता धुएं का गुब्बार
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के बावजूद नूंह जिले की प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। जिले में चिह्नित 15 औद्योगिक इकाइयों में 30 सितंबर तक आधुनिक बैग फिल्टर लगाना अनिवार्य किया गया था, लेकिन डेडलाइन बीतने के बाद भी एक भी इकाई में फिल्टर नहीं लगाया गया।
अक्तूबर-नवंबर में एनसीआर की हवा खराब होने की आशंका के बीच तावड़ू, रोजका मेव और सोहना सीमा से सटे औद्योगिक क्षेत्रों पर सवाल उठ रहे हैं। तावड़ू-नूंह रोड पर बावला भाजलाका क्षेत्र की पेपर मिल से निकलने वाले धुएं और बदबू से आसपास के करीब पांच गांवों के ग्रामीण परेशान हैं। घासेड़ा की रबर फैक्टरी, रोजका मेव औद्योगिक क्षेत्र, क्रेशर प्लांट और अन्य इकाइयों पर भी निगरानी की जरूरत बताई जा रही है। इससे पहले आयोग की करीब आठ टीमों ने 60 से अधिक इकाइयों का निरीक्षण किया था। इनमें करीब 17 में प्रदूषण मानकों का उल्लंघन मिला था और नोटिस जारी हुए थे।
क्षेत्रीय अधिकारी रामनिवास ने बताया कि बैग फिल्टर लगाने की समयसीमा बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि फिल्टर तैयार करने वाले सीमित वेंडरों पर अधिक दबाव के कारण काम में देरी हुई। जिला मुख्यालय पर नया एयर मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।