शहर के दुकानदारों व बाजारों में खरीददारी करने आने वाले ग्राहकों को खुले में शौच की समस्या से जल्द ही निदान मिल सकता है। इसके लिए जिला प्रशासन 15 स्थानों पर बॉयो टॉयलेट (जैविक शौचालय) स्थापित करेगा।
डीसी अशोक शर्मा ने इनके लिए स्थान तलाशने के लिए नगर परिषद के ईओ को आदेश जारी कर दिए हैं। पलवल शहर के दुकानदार व बाजारों में आने वाले लोग खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं।
शहर में अलग-अलग बाजारों में करीब 20 हजार दुकानें हैं और यहां आने वाले लोगों की संख्या लाखों में हैं। लेकिन करीब-करीब सारे शहर में प्रसाधन सुविधाओं का अभाव है।
शहर में मात्र चार स्थानों पर शौचालय बने हुए हैं, उनमें भी कोई सुविधा नहीं है। समस्या की गंभीरता को देखते हुए अमर उजाला ने 24 जुलाई के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने 15 बॉयो शौचालय लगाने के लिए स्थानों की तलाश शुरू कर दी है।
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क्या हैं बॉयो टॉयलेट :
-बॉयो टॉयलेट (जैविक शौचालय) एक तरह से कृत्रिम शौचालय हैं। इसके लिए न तो ज्यादा स्थान चाहिए व आवश्यकता पड़ने पर इनके स्थान को भी बदला जा सकता है। इनमें तकनीकी रूप से सफाई होती रहती है व गंदगी की समस्या भी नहीं रहती। विभिन्न कंपनियों के बॉयो टॉयलेट 35 हजार रुपये से लेकर 70 हजार रुपये तक में उपलब्ध हैं।
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-शहर में वाकई शौचालयों का अभाव है। यह तो सभी चाहते हैं कि शौचालय हों, लेकिन कोई भी दुकानदार इसे अपनी दुकान के आस-पास पसंद नहीं करता। समस्या के समाधान के लिए 15 बॉयो टॉयलेट लगाने की योजना बनाई गई है। नगर परिषद के ईओ को इनके लिए स्थान तलाशने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
- अशोक शर्मा, डीसी, पलवल।