अब पुलिसकर्मी चला रहे रोडवेज बसें
- सरकार और रोडवेज कर्मचारियों में ठनी, सरकार ने मांगे चालक व परिचालक पद के लिए आवेदन
- रोडवेज कर्मचारी डटे रहे हड़ताल पर, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। किलोमीटर स्कीम के तहत परिवहन बेडे़ में 720 निजी बसें शामिल करने के सरकार के फैसले के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रही। वहीं दूसरी ओर आरपार की लड़ाई में सरकार ने आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में तैनात पुलिसकर्मियों को रोडवेज बसों की कमान सौंप दी है। ये पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के साथ-साथ पिछले चार दिनों से लोगों को सुरक्षित उनके गंतव्य पहुंचाने में लगे हैं।
पुलिसकर्मी रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए चालक व परिचालक का काम कर रहे हैं। शनिवार सुबह से ही पुलिस कर्मी यात्रियों को बैठा सड़कों पर बसों को दौड़ा रहे हैं। एक तरफ पुलिस कर्मी व बाहर से बुलाए गए चालक रोडवेज की बसों में लोगों को बैठा उनके गंतव्य पर पहुंच रहे हैं तो दूसरी तरफ स्कूली बसों के द्वारा लोगों को यातायात की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रोडवेज में कार्यरत चालकों व परिचालकों ने बसों को चलाने में शनिवार को भी रुचि नहीं दिखाई, बल्कि बस अड्डा परिसर में हड़ताल के चलते धरने पर बैठे रहे। धरनारत कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में अन्य विभागों के कर्मचारी भी डटे हुए हैं।
धरने पर बैठे कर्मचारी नेताओं का कहना था कि परिवहन बेड़े में निजी बसें शामिल कर रोडवेज कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने का प्रयास सरकार द्वारा किया जा रहा है। सरकार द्वारा पूर्व में हुए समझौते लागू नहीं किया जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार व प्रशासन की दमन व तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई के आगे कर्मचारी नहीं झुकेंगे तथा हड़ताल पर डटे रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार कब तक पुलिस कर्मियों व निजी बसों के सहारे यातायात की सुविधाएं लोगों को उपलब्ध कराएगी।
सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को देख जारी किया रोडवेज नीति का पत्र
उधर प्रदेश सरकार के परिवहन निगम द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से रोडवेज कर्मचारियों को दी जाने वाली सुविधाएं, वेतन व भत्तों को सार्वजनिक किया है। निगम द्वारा समाचार पत्रों में दिए गए विज्ञापन के माध्यम से बताया गया है कि कर्मचारियों को अच्छा वेतन व सारी सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन फिर भी वे सरकार के खिलाफ हड़ताल पर बैठ लोगों को परेशान कर रहे हैं।
चालकों व परिचालकों की भर्ती के लिए आवेदन देने वाले युवाओं की लगी भीड़
रोडवेज कर्मचारियों के हड़ताल पर डटे रहने के बाद सरकार द्वारा चालक व परिचालकों के लिए भर्ती करने व आवेदन मांगने की घोषणा के तुरंत बाद ही बेरोजगार युवाओं की आवेदन जमा कराने की भीड़ लगने लगी है। बेरोजगार युवक परिवहन निगम के जिला मुख्यालयों पर अपना आवेदन जमा कराने में लगे हुए हैं। सरकार ने प्रदेश में करीब 950 चालकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। जबकि इससे ज्यादा आवेदन तो सरकार के पास दो दिन में ही आ चुके हैं तथा युवा अभी भी आवेदन जमा कराने में लगे हैँ।
सुरक्षा को लेकर तैनात हैं पुलिस कर्मचारी
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बाहर से बुलाए चालकों व निजी बसों के चालकों के बीच कोई विवाद न हो, इसके लिए पुलिस सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं। पुलिस विभाग द्वारा बस अड्डा पर तो सुरक्षा को लेकर पुलिस कर्मी तैनात किए हुए हैं, साथ ही जिन बसों को बाहर से बुलाए चालकों द्वारा चलवाया जा रहा है, उन बसों में भी एक-एक पुलिस कर्मी की ड्यूटी लगाई हुई है।
परिवहन निगम द्वारा लोगों को परिवहन सेवाएं देने में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी जाएगी। लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में जहां पुलिस कर्मी उनकी मदद कर रहे हैं, वहीं बाहर से भी चालक बुलाए हुए हैं। निजी व स्कूली बसों के द्वारा भी लोगों को बेहतर परिवहन सेवाएं दी जा रही हैं तथा जल्द ही इसका स्थायी समाधान भी निकाल लिया जाएगा। -लाजपत राय, प्रबंधक परिवहन निगम, पलवल