कूड़ा जलाने वालों को न समझाया जा रहा है कार्रवाई की जा रही
-किसान जाएंगे प्रशासन व सरकार के खिलाफ न्यायालय में
अमर उजाला ब्यूरो
होडल। दिवाली पर्व पर पटाखों को न चलाने की तो सामाजिक संस्थाएं, प्रशासन व सरकार लगातार अपील कर रही हैं लेकिन इस दिवाली शहर की सड़कों व गलियों में कूड़ा जलाने वालों से न तो कोई अपील कर रहा है और न ही प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है। दिवाली से एक सप्ताह पहले से ही लोगों द्वारा चलाए जा रहे पटाखे व पराली जलाने से तो प्रदूषण फैल ही रहा है साथ ही कूड़ा जलाने से प्रदूषण में और भी इजाफा हो रहा है। जिले की सड़कों पर लगातार कूड़ा जलाया जा रहा है, परंतु यह न तो प्रशासन को दिखाई दे रहा है और न ही किसी सामाजिक संस्थाओं व जन प्रतिनिधियों को दिखाई दे रहा है। आए दिन सड़कों पर जलाए जाने वाले कूड़ेे के कारण जिले में प्रदूषण अधिक हो रहा है। कूड़े से उठने वाले धुआं के कारण सड़क पर चलना तक मुश्किल हो जाता है। इस बारे में कई बार सामाजिक संस्थाएं प्रशासन से शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस तरफ नहीं है।
अब किसान लेंगे उच्चतम अदालत का सहारा
जिले के किसानों राजेंद्र, केशव देव, सुंदर लाल, मनोहर सिंह का कहना है कि उन जैसे किसानों द्वारा यदि पराली जलाई जाती है तो प्रशासन हजारों रुपये का जुर्माना वसूल रहा है, परंतु कूड़ा जलाने वालों से न तो जुर्माना वसूला जा रहा है और न ही उन पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि दिवाली के बाद वे उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करेंगे तथा प्रशासन व सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
एसडीएम गजेन्द्र सिंह ने कहा कि कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। इस बारे में निगरानी रखी जा रही है तथा जहां भी कोई कूड़ा जलाते मिलेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी व जुर्माना भी वसूला जाएगा।