20श्चड्डद्यश्च7- कृषि विभाग में बर्बाद फसल के मुआवजे के लिए आवेदन करते किसान।
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कृषि कार्यालय में लगी रही किसानों की लाइन, अफरा-तफरी का रहा माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले के अंदर बीते दो दिनों में हुई बारिश व ओलावृष्टि से फसलों में भारी नुकसान सामने आया है। फसल नुकसान के मुआवजे के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में आवेदन के लिए किसानों की लंबी लाइन लगी हुई है। सोमवार की दोपहर तक करीब 13 सौ किसानों ने नष्ट फसल के मुआवजे के लिए आवेदन किया। 72 घंटे के अंदर आवेदन करने को लेकर किसानों में अफरातफरी का माहौल रहा। विभाग के अनुसार, जिले के अंदर करीब 72 हजार हेक्टेयर गेहूं व 42 सौ हेक्टेयर सरसों की फसल में नुकसान पहुंचा है।
दरअसल, जिले में शनिवार व रविवार को बारिश हुई। कई स्थानों पर हुई ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ। बारिश से गेहूं की फसल पूरी तरह से लेट गई तथा सरसों की फसल में भारी नुकसान हुआ। ओलावृष्टि से गेहूं की बाल टूट कर गिर गई। विभाग के अनुसार, पलवल में 25 हजार हेक्टेयर गेहूं व 1100 हेक्टेयर सरसों की फसल में नुकसान पहुंचा है। इसी प्रकार होडल क्षेत्र में 17 हजार हेक्टेयर गेहूं व 1600 हेक्टेयर सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। हथीन क्षेत्र में 21 हजार हेक्टेयर गेहूं व 1700 हेक्टेयर सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। वहीं हसनपुर क्षेत्र में 14 हजार हेक्टेयर गेहूं तथा 66 हेक्टेयर सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। आंकड़ों के हिसाब से जिले के अंदर करीब 40 प्रतिशत फसल बर्बाद हुई है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसान को फसल नष्ट के 72 घंटों के भीतर मुआवजे के लिए आवेदन करना पड़ता है। शनिवार को ओलावृष्टि में बर्बाद हुई फसल के बाद रविवार को छुट्टी रही। इसलिए सोमवार को सुबह से कृषि विभाग के कार्यालय में हजारों किसान पहुंच गए। कार्यालय में किसानों की लंबी लाइन लग गई। किसानों में फार्म जमा करने के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।
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बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे के लिए 72 घंटे तक आवेदन लिए जा रहे हैं। किसानों को परेशानी न हो, इसके लिए विशेष डेस्क बनाए गए हैं। सोमवार को 1300 किसानों ने आवेदन किया है। जल्द ही विशेष गिरदावरी कराकर फसलों का मुआवजा दिया जाएगा। - डॉ. पवन शर्मा, कृषि उप निदेशक, पलवल