संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार शाम शहर के पटौदी चौक से सोहना घाटी तक करीब 13 किलोमीटर लंबा भारी जाम लग गया, जिससे हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सामान्य दिनों में आधे घंटे में तय होने वाला यह सफर जाम के कारण 9 से 10 घंटे में पूरा हुआ। जाम इतना गंभीर था कि एंबुलेंस और दमकल विभाग की गाड़ियां भी घंटों फंसी रहीं, जिससे आपात सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह 10 बजे से ही पटौदी चौक, सोहना घाटी और आसपास के मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ने लगी। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। त्योहार से एक दिन पहले घरों को लौट रहे लोगों की भीड़ के कारण यातायात का दबाव और बढ़ गया। जाम में फंसे वाहन चालक घंटों तक अपनी जगह से आगे नहीं बढ़ सके। कई लोगों ने वैकल्पिक रास्तों का सहारा लिया, लेकिन वहां भी दबाव बढ़ने से कोई राहत नहीं मिली। जाम के कारण सबसे अधिक परेशानी मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं के वाहनों को हुई। घंटों तक एंबुलेंस के फंसे रहने से मरीजों और परिजनों में चिंता बनी रही। दमकल विभाग की गाड़ियों के फंसने से आपात स्थिति में समय पर पहुंचने को लेकर भी सवाल खड़े हुए।
घंटों जाम में फंसे सरपंच प्रतिनिधि अजहरुद्दीन, प्रताप गोगजाका और वाहन चालक दीन मोहम्मद, हरबीर सिंह, रामकुमार ने बताया कि 13 किलोमीटर का रास्ता तय करने में 9 से 10 घंटे लगे, जो यातायात व्यवस्था की बदहाली को दर्शाता है। वहीं, मामले को लेकर भवन एवं लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रदीप सिंधु का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है, शिकारपुर चौराहे पर कुछ काम चल रहा है, यह भी जाम का एक कारण हो सकता है।