हसनपुर में यमुना पुल बनाने की मांग का ज्ञापन लेकर पैदल मार्च शुरू
- यमुना पुल संघर्ष समिति के सदस्य हुए दिल्ली रवाना
अमर उजाला ब्यूरो
हसनपुर। ढाई साल पहले मुख्यमंत्री मनोहरलाल द्वारा हसनपुर में यमुना नदी पर पुल बनाए जाने की घोषणा पर अभी तक कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है। जिस कारण कस्बे के लोगों में रोष व्याप्त है। इस मामले में यमुना पुल संघर्ष समिति के पवन शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने एकत्रित होकर सोमवार को पैदल दिल्ली कूच करने का निर्णय लिया। यमुना पुल संघर्ष समिति के पवन शर्मा अपने पुत्र हर्षित शर्मा, शोभित शर्मा, तेजपाल व अनिल के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।
पद यात्रा का शुभारंभ बिहारी जी मदिर में विधिवत पूजा अर्चना के साथ किया गया। समिति के सदस्यों ने बताया कि इस मामले को लेकर समिति द्वारा ज्ञापन सौंपा जाएगा अगर उसके बाद भी कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलता है तो आगामी चुनावों में वोट बहिष्कार कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जायेगी और दोबारा से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधान गंगा प्रसाद, डा महेंद्र शर्मा, नरेश मुदगल, वीरेंद्र शर्मा, रोहताश अच्छेजा, देशबंधु गुप्ता, पूर्व सरपंच राजकुमार गुप्ता, छंगा प्रधान, काकू गोयल, चंदर पंडित, उमेश गोयल सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।
समिति द्वारा दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में बताया जाएगा कि आठ नवंबर 2016 को हसनपुर में आयोजित जनसभा के दौरान क्षेत्र की जनता की मांग पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा यमुना नदी पर पक्का पुल बनवाने की घोषणा की गई थी। लेकिन ढाई वर्ष बीतने के बाद भी पुल के निर्माण पर कोई कार्य शुरू नहीं किया गया है। जिसे लेकर लोगों में रोष व्याप्त है। इस मामले को लेकर यमुना पुल संघर्ष समिति के पवन शर्मा द्वारा कई बार अनशन भी किया जा चुका है जिसका क्षेत्र के हजारों लोगों द्वारा समर्थन किया गया था। लेकिन उक्त अनशन को प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन देकर समाप्त करा दिया था।