जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग हुआ सक्रिय
-घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच कर ढूंढ रही है मरीजों को
अमर उजाला ब्यूरो
होडल। जिला को टीबी रोग से मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। विभाग ने इसके लिए घर-घर जाकर टीबी की जांच कर पाए जाने वाले मरीजों का पूरा इलाज कराने की योजना बनाई है। विभाग की तरफ से 16 सितंबर तक घर-घर जाकर टीबी के मरीजों की पहचान करेगा। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। इसके लिए जो टीमें गठित की गई हैं, उनमें आशा वर्कर और हेल्थ वर्कर को शामिल किया गया है।
घर-घर जाकर पूछेंगी टीबी रोग से संबंधित सवाल
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित ये टीमें जिले में घर-घर जाकर खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहले से ही टीबी के मरीज हैं लोगों से टीबी रोग से संबंधित सवाल जवाब करेंगी। सवाल जवाब के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी हासिल की जाएगी तथा उसके लिए फार्म भरवाया जाएगा। यदि इस दौरान टीम के सदस्यों को किसी व्यक्ति में टीबी रोग के लक्षण नजर आएंगे तो स्वास्थ्य टीम मौके पर ही बलगम का सैंपल लेगी। इसे सरकारी लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। लैब की रिपोर्ट में अगर टीबी होने की पुष्टि होती है तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से उसके इलाज का पूरा खर्च उठाया जाएगा। साथ ही व्यक्ति का पूरा रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।
टीबी की पुष्टी होने पर मिलेंगे 500 रुपये
विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में यदि किसी को टीबी रोग की पुष्टी हो गई तो विभाग की तरफ से 500 रुपये प्रति माह खुराक के लिए दिए जाएंगे। इसके अलावा रोग को दूर करने के लिए दवाइयों और अन्य खर्चा भी स्वास्थ्य विभाग ही वहन करेगा।
सरकारी अवकाश के दिन भी चलाया जायेगा अभियान
अभियान के दौरान सभी सरकारी लैब जहां पर बलगम की जांच होती है। वे सभी लैब छुट्टी वाले दिन भी खुली रहेंगी, ताकि छुट्टी वाले दिन भी बलगम की जांच की जा सके। इसके लिए लैब कर्मचारियों को विभाग की ओर से सूचित किया जा चुका है। टीमें भी 19 सितंबर तक छुट्टी वाले दिन भी जाकर अपना कार्य करेंगी।
जिला सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर टीबी रोगियों की जांच करेंगी। लक्षण पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के बलगम का मौके पर ही सैंपल लिया जाएगा ताकि टीबी रोग का पता लगाया जा सके। 48 घण्टे के अंतराल के बाद मरीज का इलाज शुरू कर पांच सौ रुपये की राशि खुराक के खर्च के रूप में दी जायेगी। विभाग टीबी रोग को लेकर बेहद गंभीर है। जिले को पूरी तरह से टीबी मुक्त बनाया जाएगा।