‘पोटाश डालकर भूमि की बढ़ाएं उर्वरा शक्ति’
पलवल। भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ानी है तो पोटाश जरूर डालें। धान और गेहूं फसल चक्र अपनाने वाले खेतों में पोटाश तत्व की बहुत ज्यादा कमी आ गई है। ये सुझाव कृषि विशेषज्ञ डॉ. महावीर सिंह मलिक ने किसानों का दिया।
उन्होंने कहा कि किसान मिट्टी परीक्षण के आधार पर पोटाश तत्व की कमी का पता लगा सकते हैं। डॉ. मलिक बृहस्पतिवार को इंडियन पोटाश लिमिटेड के तत्वावधान में गांव विजयगढ़ में आयोजित किसान प्रशिक्षण शिविर को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता प्रगतिशील किसान धर्म सिंह ने की तथा संचालन आइपीएल के अधिकारी संजीव चौधरी ने किया। उन्होंने कहा कि पोटाश खाद को बिजाई के समय खेत में डालें। पोटाश डालने से धान फसल में कल्ले ज्यादा बनते हैं। बालियां लंबी और दानों में चमक बढ़ती है। दाने ज्यादा व वजनी बनने से फसल पैदावार में करीब 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होती है। रोगों, कीटों व सूखे को सहने की क्षमता बढ़ती है। संजीव चौधरी ने बताया कि धान व कपास की खड़ी फसल में पोटेशियम का छिड़काव करें। धान व कपास में 24 किलो, बासमती धान में 12 किलो शुद्ध पोटाश, आलू में 40 किलो व गन्ना में 30 किलो पोटाश प्रति एकड़ डालनी चाहिए। सुमनवीर एडवोकेट ने कहा कि गोबर व घर के कूड़ा करकट का कंपोस्ट खाद बनाकर किसान उत्पादन बढ़ा सकते हैं।
किसानों को पोटाश डाली गई फसल का भी अवलोकन कराया गया। इस मौके पर घनश्याम, जीतराम, दुलीचंद, दयाराम पंच, शिव सिंह, मनोज, सतवीर, भगत सिंह, हुकम सिंह, लीखीराम, बाबूलाल, मोहित, डिगंबर, रमेश, इंदर, किसनलाल, राजवीर, सुरेंद्र, बंसीलाल, रूपचंद, हेमलता, सावित्री मुख्य रूप से मौजूद थे।