सरसों की खरीद शुरू न होने पर गुस्साए किसान, किया हंगामा
होडल। सरकार द्वारा 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू करने के दावे पहले दिन ही फेल हो गए। किसान बृहस्पतिवार को सरसों को बेचने के लिए मंडी में पहुंचे, लेकिन वहां खरीद न होने से नाराज किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। किसानों ने सचिव को खरी-खोटी सुनाई। किसानों का आरोप है कि किसानों को परेशान किया जा रहा है। जानबूझकर सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई है। किसानों में इस बात को लेकर भी बेहद गुस्सा था कि मार्केट कमेटी की सचिव किसानों की समस्या को सुनने के बजाय उनके कार्यालय में हर समय बैठे रहने वाले अपने पति से बात करती रही।
सरकारी खरीद शुरू न होने पर किसानों को मजबूरी में ही अपनी फसल को व्यापारियों को औने-पौने दामों पर बेचना पड़ा। क्षेत्र के गांवों से सरसों को लेकर आए किसान कुमर पाल, दौलत राम,तोताराम ,सत्यदेव, गोविंद राम ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार को शीघ्र ही सरसों की सरकारी रेट पर खरीद प्रारंभ करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तो मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल बन्द कर दिया गया और दूसरी तरफ मार्केट कमेटी की सचिव मंडी में किसानों के ठीक बर्ताव नहीं कर रही हैं। किसानों ने सरकार से महिला सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर करते हुए सरसों की फसल का सेंटर खोलने की मांग की।
-------------
नहीं चल रहा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल
फसल खरीद न होने का कारण यह भी है कि सरकार द्वारा शुरू किए गए मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल ही पिछले दो -तीन दिनों से बंद पड़ा है। जिस कारण किसानों को बेहद परेशानी हो रही है। किसानों की समस्या को सुनने के लिए आज अधिकारियों द्वारा सुनवाई न करने पर ही किसान भड़के।
----------
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राजीव लांबा का कहना है कि सरकार किसानों का शोषण कर रही है। सरकार का फैसला है कि किसान के पास में 50 क्विंटल सरसों की पैदावार हुई है तो किसान को दो दिन मंडी आना पड़ेगा, क्योंकि एक किसान की एक बार में 25 क्विंटल फसल बिक्री होगी ।यदि सरकार ने होडल में खरीद का सेंटर नहीं खोला तो एक बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
------------
इस बारे में जिला उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा का कहना है सरकारी खरीद शुरू क्यों नहीं हुई है, इस बारे में जानकारी ली जाएगी। सरकारी खरीद शुरू कराकर किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। इसके लिए सभी मार्केट कमेटी के सचिवों को आदेश दे दिए हैं।