बढ़ते प्रदूषण से वाहन चालक परेशान
राजमार्ग पर स्मॉग के कारण आगे तक देखना मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
होडल। दिवाली में हुई आतिशबाजी के चार दिन बाद भी शहर में प्रदूषण की मात्रा कम होने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि अबकी बार कोर्ट की पाबंदी के बाद बहुत कम आतिशबाजी चलाई गई थी। लेकिन बढ़ते प्रदूषण के कारण सुबह के समय सैर करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदूषण की हालत ये है कि सुबह लगभग 8 बजे तक भी राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य सड़क मार्ग स्मॉग की चादर में लिपटे रहते हैं जिसके कारण वाहन चालकों को हेड लाइट जलाकर धीमी गति में वाहन चलाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे पहले पराली जलाने के कारण भी पूरे शहर व आसपास के क्षेत्र के लोगों को प्रदूषण का सामना करना पड़ा था। मौसम बदलाव के बाद लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की, लेकिन अब दिवाली में हुई आतिशबाजी के कारण दोबारा से शहर में प्रदूषण में बढ़ोतरी हो गई है। सुबह और शाम के समय तो सड़क मार्गों पर धुआं सा छा जाता है जिसके कारण वाहन चालकों और सैर करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार प्रदूषण के कारण वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहन दिखाई तक नहीं देते हैं जिसके कारण वाहनों की स्पीड पर ब्रेक लग जाते हैं।
प्रताप सिंह, रमन लाल, छोटेलाल, खैराती लाल, शंभूदयाल, खेमचंद, प्रभाती आदि का कहना था कि बढ़ते प्रदूषण के कारण सड़क मार्गों पर चलना भी दूभर हो रहा है। कई बार तो यहां से निकलते समय आंखों में जलन होने लगती है। वाहन चालक हेड लाइट जलाने के बाद ही अपने गंतव्य को पहुंच रहे हैं। वाहन चालक रमेश चंद का कहना था कि कोसी से होडल पहुंचने में केवल 15 मिनट का समय लगता है, लेकिन धुएं जैसे प्रदूषण की चादर के कारण सड़क मार्ग पर कुछ भी दिखाई नहीं देता है जिससे इसी सफर को तय करने में पौना घंटा लग गया है।