जिले के सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने दी सामूहिक गिरफ्तारी
- सरकार पर लगाए वादाखिलाफी करने व लाठियां बरसाने के आरोप
- मांगे पूरी न होने पर 2 अक्तूबर को सत्याग्रह का ऐलान
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। सरकार की वादाखिलाफी एवं दमनकारी नीतियों के विरोध में मंगलवार को जिले भर के सैकड़ों कर्मचारियों ने लघु सचिवालय पहुंचकर गिरफ्तारियां दीं। कर्मचारियों ने इस अवसर पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाया। इससे पहले कुसलीपुर स्थित गुर्जर भवन में कर्मचारियों ने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया तथा बाद में जुलूस के रूप में लघु सचिवालय पहुंचे। जहां उनकी गिरफ्तारियां हुईं तथा बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
गुर्जर भवन में आयोजित विरोध सभा को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार की तानाशाही व दमनकारी नीतियों के आगे प्रदेश का कर्मचारी किसी भी हाल में नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा कूच में कर्मचारियों पर बरसाई गई एक-एक लाठी का समय आने पर ब्याज सहित हिसाब करेंगे। उन्होंने रोडवेज व स्वास्थ्य विभाग के हड़ताली एमपीएचडब्ल्यू पर लगाए गए एस्मा एवं उसके तहत की गई सभी प्रकार की उत्पीड़न कार्रवाईयों की निंदा की।
उन्होंने मांगों की अधिसूचना जारी कर एमपीएचडब्ल्यू की हड़ताल को समाप्त करवाने की मांग की। गिरफ्तारी से पूर्व कर्मचारियों ने जिला प्रधान रमेश चंद की अध्यक्षता में बड़ी सभा का आयोजन किया। गुर्जर धर्मशाला में आयोजित सभा का संचालन जिला सचिव बनवारी लाल ने किया। कर्मचारियों ने धर्मशाला से जिला मुख्यालय तक जलूस निकलते हुए प्रदर्शन किया। नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने बताया कि सरकार ने हाईकोर्ट से प्रभावित कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का कानून विधानसभा में बनाने का भरोसा दिया था, जिसे पूरा करने की बजाय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका डाल दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने गेस्ट अध्यापकों सहित तमाम कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, प्रदेश के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने तथा ठेका प्रथा व आउटसोर्सिंग की नीतियों पर रोक लगाने का वायदा किया था। नई पेंशन स्कीम बंद करके पुरानी पेंशन स्कीम व एक्स ग्रेसिया रोजगार स्कीम को बहाल करने तथा कैशलेस मेडिकल सुविधा को व्यावहारिक खर्च के आधार पर लागू करने की माँग भी लटकी हुई है। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि सरकार ने आवास भत्ता समेत संशोधित भत्तों को पिछले 32 महीने से रोक रखा है।
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रमेश चंद व सचिव बनवारी लाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार विभागीय संगठनों के साथ किए गए समझौतों को लागू करने की बजाय रोडवेज व स्वास्थ्य कर्मचारियों पर एस्मा जैसे काले कानून के तहत मुकदमे दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करा रही है। कर्मचारी जब सरकार द्वारा किए वायदों की याद दिलाने चंडीगढ़ विधानसभा कूच के लिए शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे तब उन पर वाटर केनन, अश्रु गैस व लाठीचार्ज किया गया। इतना ही नहीं, सरकार ने 5 कर्मचारी नेताओं पर गैर जमानती धाराओं में मुकदमे भी दर्ज करा दिए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने समय रहते वायदों को पूरा नहीं किया तो प्रदेश के कर्मचारी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर सुबह 9 से शाम 5 बजे तक सत्याग्रह करेंगे और 23 अक्तूबर को सभी कैबिनेट मंत्रियों के आवासों का घेराव किया जायेगा। गिरफ्तारी देने वालों में पिछले 24 दिनों से हड़ताल पर बैठे बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी भी शामिल रहे।