सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बातचीत में हिमाचल का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्थापित जलविद्युत परियोजनाओं पर हिमाचल सरकार द्वारा लगाए जाने वाले जल उपकर से हरियाणा को कोई नुकसान नहीं होगा। राज्य में चल रही लगभग 172 जलविद्युत परियोजनाओं में पानी पर नहीं बल्कि बिजली उत्पादन पर जल उपकर लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य जल उपकर को लेकर भ्रांतियों को दूर करना है।
संयुक्त परियोजनाओं पर होगी दोनों राज्यों की बैठक
बैठक में रेणुका बांध परियोजना और हिमाचल, हरियाणा व उत्तराखंड की संयुक्त किशाऊ जलविद्युत परियोजना पर विस्तृत चर्चा हुई. आदि बद्री परियोजना के क्रियान्वयन, सरस्वती नदी के उद्गम पर भी चर्चा की गई। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विभिन्न संयुक्त परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी से परियोजना की लागत बढ़ जाती है। जबकि योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता है क्योंकि परियोजना के लाभ में भी देरी होती है. उन्होंने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं को लेकर भविष्य की नीति तय करने के लिए दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक करेंगे।
हिमाचल ने दिया निवेश का न्योता
हरियाणा को हिमाचल प्रदेश में जलविद्युत परियोजनाओं और हरित हाइड्रोजन में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में निवेश दोनों राज्यों के लिए फायदेमंद साबित होगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि जलविद्युत परियोजनाएं भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के अलावा पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में निवेश पर प्रभावी ढंग से विचार किया जाएगा।