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Haryana: आचार संहिता हटने के बाद सैनी सरकार में होगा बदलाव, चैयरमैन के पद नियुक्त किए जाएंगे कई नेता

Sun, 02 Jun 2024 10:47 AM IST
नवीन दलाल अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान रणजीत चौटाला ने विधायक के पद से तो इस्तीफा दे दिया था, मगर बिजली मंत्री के पद से इस्तीफा नहीं दिया था। लोकसभा के परिणाम आने के बाद संभव है कि वह बिजली मंत्री का पद भी छोड़ दें। इससे बिजली मंत्री का पद खाली हो जाएगा।
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हरियाणा के सीएम नायब सैनी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद सीएम नायब सिंह सैनी अपनी सरकार में कई बदलाव कर सकती है। आचार संहिता हटने के बाद सरकार भाजपा के कई निष्ठावान नेताओं को खाली पड़े चेयरमैन के पदों पर नियुक्त कर सकती है। इसकी काफी सुगबुगाहट हो रही है। वहीं, अफसरों के भी तबादले होने तय हैं। सूचियां बनाई जा रही है। इस महीने के आखिरी तक अफसरों के तबादले कर दिए जाएंगे। हालांकि चर्चा यह भी चल रही है कि मंत्रिमंडल में भी बदलाव संभव है। जिस तरह से चुनाव के दौरान बड़े नेताओं की नाराजगी और निर्दलीय विधायकों के पाला बदलने का घटनाक्रम सामने आया है, उससे सरकार सतर्क हो गई है। एक दो लोगों को मंत्रिमंडल में भी एडजस्ट किया जा सकता है।

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भाजपा-जजपा गठबंधन टूटने के बाद जजपा कोटे के कई चेयरमैनी के पद खाली हो गए हैं। इन पदों पर तैनात नेताओं के इस्तीफे देने के दौरान आचार संहिता लागू हो गई थी। इसलिए उस दौरान नियुक्ति नहीं हो सकी थी। वहीं, लोकसभा चुनाव से पहले ही भाजपा ने अपनी सरकार का पूरा चेहरा ही बदल दिया था। मनोहर लाल की जगह नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री चुना गया। उनके चुने जाने के चार दिन बाद ही आचार संहिता लागू कर दी गई थी।

उसके बाद से वह पूर्व सीएम मनोहर लाल की टीम से ही काम चला रहे हैं। ऐसे में वह अपनी टीम के कई सदस्यों को भी एडजस्ट करेंगे। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में मेहनत करने वाले पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को भी पुरस्कार के तौर पर उन्हें चेयरमैनी का पद सौंपा जा सकता है। जानकार बताते हैं कि अक्तूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सैनी सरकार इन चुनाव का ध्यान में रखते हुए ऐसे लोगों की नियुक्ति कर सकती है, जिससे चुनाव के समीकरण भी साधे जा सकें। यह नियुक्तियां भी जून में कर दी जाएंगी।
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बिजली मंत्री का पद होगा खाली
लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान रणजीत चौटाला ने विधायक के पद से तो इस्तीफा दे दिया था, मगर बिजली मंत्री के पद से इस्तीफा नहीं दिया था। लोकसभा के परिणाम आने के बाद संभव है कि वह बिजली मंत्री का पद भी छोड़ दें। इससे बिजली मंत्री का पद खाली हो जाएगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मंत्री पद भाजपा विधायक भव्य बिश्नोई या निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत को दिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि हिसार लोकसभा से रणजीत चौटाला का टिकट दिए जाने से भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई नाराज हो गए थे। सीएम सैनी को उनके घर जाकर उन्हें मनाना पड़ा था। वहीं, निर्दलीय विधायकों के अचानक पाला बदलने से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए सरकार नयनपाल रावत को भी बड़ा ओहदा दे सकती है।

अफसरों के भी होंगे तबादले
बताया जा रहा है कि आचार संहिता हटने के कई बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल भी संभव है। कई जिलों के उपायुक्त व एसपी बदले जा सकते हैं। वहीं, मुख्यालय में तैनात बड़े अफसरों को भी बदला जाना तय है। उल्लेखनीय है कि चुनाव के दौरान कई अफसरों की शिकायत मिली है। भाजपा के जिला अध्यक्षों ने भी अधिकारियों की सूची सीएम को सौंपी है। इन पर मंथन चल रहा है। वहीं,

सीएम भी कई अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज हैं। इसीलिए चुनाव के दौरान वह समय-समय पर अधिकारियों को चेतावनी देते आए हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इन अधिकारियों के तबादले छह जून के बाद कभी भी हो सकते हैं।

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