कनीना। पिछले एक सप्ताह से लगातार पड़ रही ठंड एवं शीतलहर का असर अब धीरे-धीरे फसलों पर भी आने लगा है। क्षेत्र में गेहूं की फसल पर पीला रतुआ का खतरा मंडराने लगा है। पिछले आठ दिनों से धूप नहीं निकलने के कारण गेहूं की फसल में अब लगातार पीला रतुआ की शिकायत बढ़ने लगी है। खंड कृषि अधिकारी डॉ. संदीप यादव निरीक्षण करने के लिए कनीना क्षेत्र के अनेक गांवों में पहुंचे। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल में पीलापन की समस्या आ रही है जिसके लिए किसान जिंक आधा किलोग्राम एवं यूरिया ढाई किलोग्राम को 150 से 200 लीटर पानी में मिलाकर खेत में स्प्रे करें। स्प्रे करते समय खेत में ओस नहीं होनी चाहिए। इसलिए किसान स्प्रे दोपहर या शाम के समय करें। इसके अलावा पत्तों पर लाइन में पीले रंग के धब्बे दिखाई दें तो डाइटलॉन एच 45 दवाई 800 ग्राम को 200 से 250 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करना चाहिए। पीला रतुवा रोग के लक्षण दिखाई देने पर नजदीक के कृषि विशेषज्ञों से संपर्क करें। संवाद