नारनौल। जिले के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों सहित अन्य संस्थानों के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। इसकी वजह से छह दिन से सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोग परेशान हैं। धरने की अध्यक्षता दिनेश कुमार प्रधान ने किया। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर सभी कर्मचारी लघु सचिवालय नारनौल के सामने हड़ताल पर दोगुने जोश के साथ बैठे हैं।
लिपिकीय वर्ग लगातार कार्य समीक्षा के आधार पर वेतनमान 35400 रुपये निर्धारित करने की मांग कर रहा है। हड़ताल में जिले भर से लगभग 800 कर्मचारियों ने भाग लिया। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी हरियाणा की सिर्फ एक ही मांग लिपिकों के कार्य समीक्षा के आधार पर न्यूनतम वेतन 19900 से बढ़ाकर 35400 रुपये किया जाए। सभी लिपिक वर्ग पांच जुलाई से हड़ताल चल रहें हैं। मंगलवार को मंच का संचालन सुरेश राजपूत ने किया। राज्य के महामंत्री अमित कुमार ने बताया कि सन 1957 लिपिक का वेतनमान 60-175 रुपये होता था। उस समय एमपीएचडब्ल्यू व जेबीटी का वेतनमान 60 से 120 रुपये था। जूनियर इंजीनियर को 60 से 170 तथा डिप्टी रेंजर को 60 से 175 रुपये वेतनमान निर्धारित था। 2016 के वेतन आयोग में लिपिक का वेतनमान 19900 निर्धारित किया गया तथा एमपीएचडब्ल्यू, जेबीटी, जूनियर इंजीनियर व डिप्टी रेंजर का वेतनमान 35400 रुपये निर्धारित किया गया। मंगलवार को आम आदमी पार्टी से युवा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष, जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह राता, लीगल सेल के जिला प्रधान कुलदीप, लोकसभा के उपाध्यक्ष गिरीश खेड़ा, जिला सचिव नरेंद्र राव इंजीनियर, रविंद्र सिंह मटरू, ओबीसी सेल के प्रधान सुनील, हसला, राकेश सेवानिवृत जज, प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान ने मांग का समर्थन किया।