फोटो नंबर-01पीजी कॉलेज में छात्राओं द्वारा बनाए गए वस्त्र व ध्वजा को देखती प्राचार्य। स्त्रोत
नारनौल। राजकीय महाविद्यालय में छात्राओं के लिए पोशाक निर्माण व ध्वज निर्माण की कला का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में 70 से अधिक छात्राओं ने इसमें हिस्सा लिया।
प्राचार्य डाॅ. पूर्ण प्रभा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं की हस्त कला न केवल सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। महिलाएं हुनरमंद होगी तो समाज और देश की प्रगति अपने आप हो जाएंगी।
कार्यशाला के अंत में छात्राओं ने अपने द्वारा बनाई गई कलाकृतियों की एक प्रदर्शनी डॉ. कीर्ति, डॉ. सोमलता, डॉ. संजीता, डॉ. गीता रानी व वेनिका शर्मा के दिशा-निर्देशों में लगाई गई। डॉ. कविता ने बताया कि इस यह कार्यक्रम न केवल उनकी कला की प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामुदायिक भावना को भी प्रोत्साहित करता है।