पहली बार गांवों की सरकार को गांवों में ही शपथ दिलाने के इस कार्यक्रम में अधिकांश महिला सरपंचों व पंचों ने घूंघट में ही शपथ ली। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को इस बार दिया गया 50 प्रतिशत आरक्षण महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा। लेकिन महिलाओं की घूंघट प्रथा कहीं आने वाले पांच सालों में विकास में बाधक न बन जाए। वहीं महिलाओं सरपंचों व पंचों का कहना है कि यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, घूंघट में रहकर भी गांव की सरकार के निर्णय लिए जा सकते हैं। घूंघट एक मर्यादा है यह विकास में कोई बाधक नहीं होगी। महिलाएं अपने दायरे में रहकर रिश्तों को भी निभाना जानती हैं तथा अपने निर्णय लेने में भी सक्षम हैं।
सरकार के इस कदम की जमकर हुई सराहना
इस बार प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में ही सरपंचों व पंचों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लोगों द्वारा खूब सराहा जा रहा है। लोगों का मानना है कि सरपंच व पंचों के शपथ ग्रहण समारोह से ग्रामीण क्षेत्रों में भाईचारे व सौहार्द की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन व पंचायत विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यमंत्री के ऑनलाइन कार्यक्रम को भी दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित गांवों की सरकारों को संबोधित करते हुए विकास का खाका भी बताया। लोगों ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की। ग्रामीण क्षेत्र में विद्यालयों व ग्राम पंचायत भवनों में आयोजित इस समारोह में सभी गांवों के ग्रामीणों ने भाग लेकर नई सरकार को बधाई देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। गांवों की नई सरकार ने भी एक-दूसरे को फूल मालाएं पहनाकर बधाई दी।