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देश को विश्व गुरु बनाने के लिए महिला शिक्षा आवश्यक: गंगा प्रसाद

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महेंद्रगढ़। युवा पीढ़ी भारत का मान-सम्मान है और इस पीढ़ी के संकल्प से ही भारत पुन: अपनी पुरातन सांस्कृतिक पहचान को प्राप्त कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुए भारत निर्माण के प्रयासों को चरितार्थ करने में आज की युवा पीढ़ी को दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। यह विचार सिक्किम के महामहिम राज्यपाल गंगा प्रसाद ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि), महेंद्रगढ़ में कल्पना चावला महिला छात्रावास के उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने देश की बेटी कल्पना चावला का उल्लेख करते हुए कहा कि कल्पना चावला ने साबित किया है कि भारत को विश्व गुरु बनाने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और हमें इसके लिए महिला शिक्षा व सशक्तीकरण पर विशेष जोर देना होगा।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की और विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार, प्रो. सुनीता श्रीवास्तव सहित विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के सदस्य प्रो. पवन शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय में महिला छात्रावास के उद्घाटन व जी-20 सम्मेलन के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के पथ पर अग्रसर भारत की ख्याति का उल्लेख किया और कहा कि आज भारत समूचे विश्व के समक्ष मजबूती के साथ खड़ा नजर आ रहा है। आज के समय देयर को नई शिक्षा नीति के माध्यम से पुन: विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने हेतु योगदान देने का है जिसमें विद्यार्थियों व शिक्षकों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है इसलिए गीता की धरती हरियाणा पर संकल्प लें युवा आगे बढ़ें और विश्व को शांति का संदेश देते हुए भारत निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
विश्वविद्यालय कुलपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति का ब्योरा प्रस्तुत किया और बताया कि किस तरह से नई शिक्षा नीति के अनुरूप अध्ययन-अध्यापन के लिए तैयार है। कुलपति ने कहा कि प्रदेश का पावन धरती पर ही भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया। जिसने विश्व को जीने की राह दिखाई। कुलपति ने अपने संबोधन में वीर बाल दिवस का उल्लेख करते हुए उन बलिदानी वीरों के बलिदान का भी स्मरण कराया। विश्वविद्यालय में गंगा प्रसाद द्वारा उद्घाटित नवनिर्मित छात्रावास पूरी तरह से दिव्यांगजन हितैषी व अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें बने कुल 105 कमरों में छात्राओं के लिए बेड, टेबल, चेयर व अलमारी आदि की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। छात्रावास में 315 छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। इस अवसर पर प्रो. सारिका शर्मा, प्रो. नीलम सांगवान, प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. सुनील कुमार, प्रो. आनंद शर्मा, प्रो. सुरेंद्र सिंह, प्रो. नंद किशोर, प्रो. पायल चंदेल, डॉ. मोना शर्मा, डॉ. एपी शर्मा सहित विश्वविद्यालय की विभिन्न पीठों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, शोधार्थी आदि उपस्थित रहे।
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