फोटो नंबर-12नारनौल में अहोई अष्टमी की कथा सुनती महिलाएं। संवाद
नारनौल। महिलाओं द्वारा अपनी संतान की सुरक्षा व लंबी आयु के लिए किए जाने वाला अहोई अष्टमी का पर्व वीरवार को श्रद्धा व आस्था के मनाया गया।
अहोई अष्टमी के पर्व को लेकर महिलाएं सुबह जल्दी उठी और स्नान कर नए वस्त्र धारण करके अहोई अष्टमी की कथा सुनी। अहोई की कथा परिवार की सभी महिलाओं ने एक समूह के रूप बैठ कर सुनी व इसके बाद अपने से बड़ी महिलाओं के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लिया। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है। वहीं हिंदू धर्म में इस व्रत का काफी अधिक महत्व है। अहोई अष्टमी के पर्व को लेकर महिलाओं ने दीवार पर अहोई माता की तस्वीर बनाकर उसकी पूजा की। इसके बाद उन्होंने अहोई माता को पूरी व हलवे आदि का भोग लगाया। इसके बाद सभी व्रती महिलाओं ने शाम को ताराें व चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पारण किया। सदियों से मान्यता है कि इस व्रत के पुण्य प्रभाव से संतान को लंबी आयु प्राप्त होती है।