फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में आज एक बार फिर करवट लेगा मौसम, हल्की बारिश की संभावना

विज्ञापन
विज्ञापन
पश्चिमी विक्षोभ का असर जिला महेंद्रगढ़ पर भी देेखने को मिला है। जिसकी वजह से संपूर्ण इलाके में हल्की बारिश और बूंदाबांदी देखने को मिली। जिससे जिला के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। साथ ही मौसम प्रणाली के प्रभाव यानी हल्की बारिश और तेज गति से हवाएं चलने से वायु गुणवत्ता सूचकांक में भी सुधार हुआ है।
विज्ञापन

राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि देश के उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली और जिला महेंद्रगढ़ में 8 नवंबर को तेज गति से हवाएं चलने और गरज चमक के साथ हल्की बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया। संपूर्ण इलाके में तापमान में गिरावट हुई। जिसके चलते नारनौल और महेंद्रगढ़ का अधिकतम तापमान क्रमश 26.0 और 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है जबकि न्यूनतम तापमान क्रमश: 15.2 डिग्री और 13.4 डिग्री सेल्सियस पर रहा। संपूर्ण इलाके सामान्य से 4.0 डिग्री सेल्सियस दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। साथ ही वातावरण में मौजूद प्रचुर मात्रा जहरीले प्रदूषकों की सफाई और धुलाई भी हुई है जिससे संपूर्ण इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार जिला महेंद्रगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक नारनौल 112, महेंद्रगढ़ 137, कनीना 145, सतनाली 110, अटेली 138 व नांगल चौधरी 160 पर रहा। परंतु बुधवार को भी भारत के उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इस मौसम प्रणाली द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों में भारी मात्रा में हिमपात होने की संभावनाएं बन रही जबकि मैदानी राज्यों पंजाब उत्तरी राजस्थान के साथ हरियाणा एनसीआर दिल्ली में एक बार फिर से मौसम करवट लेने वाला है। जिसकी वजह से 10 नवंबर को तेज गति से हवाएं व गरज चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी /बारिश की गतिविधियों की संभावना बन रही है। भारतीय मौसम विभाग ने संपूर्ण इलाके में येलो अलर्ट जारी कर दिया है। 10 नवंबर को एक बार फिर से जिले में बादलवाही देखने को मिलेगी और तेज गति से हवाएं चलने के साथ गरज चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी/ बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा। वर्तमान मौसम प्रणाली द्वारा हल्की बारिश सरसों और चने की फसलों में अमृत तुल्य होगी और 11 नवंबर से संपूर्ण इलाके के किसान भाई गेहूं की बिजाई निर्भय होकर कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें