नारनौल। मौसम में पिछले एक सप्ताह से लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। बुधवार सायं को भी जिले में बारिश देखने को मिली। जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल में 6.0 मिलीमीटर और नांगल चौधरी में 10.0 मिलीमीटर और महेंद्रगढ़ 5.0 मिलीमीटर, अटेली 5.0 मिलीमीटर, सतनाली 8.0 मिलीमीटर व कनीना में 4.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश होने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को नारनौल अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री व न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार इस मौसम प्रणाली का प्रभावी 26 मार्च तक देखने को मिलेगा। साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ 29 मार्च को सक्रिय होने से मार्च महीने के अंत तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि सशक्त पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने और ऊपरी वायुमंडल में 120 किलोमीटर प्रति घंटे से चलने वाली जेट धाराओं का रुख दक्षिणी होने से न केवल उत्तरी भारत में बल्कि मध्य और दक्षिणी भारत मौसम में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल रहा है। इन जेट धाराओं ने संपूर्ण भारत में ठंड के स्तर को नीचे ला दिया है इसलिए तेज गति से हवाएं चलने और बारिश के साथ ओलावृष्टि की गतिविधियों को दर्ज किया जा रहा है। बुधवार को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों जिनमें महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, चरखी दादरी व लोहारू बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियों को दर्ज किया गया है। जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल, महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी, सतनाली, कनीना व अटेली में हल्की से मध्यम बारिश हुई। इस मौसमी प्रणाली पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 22 मार्च से शुरू हो गया है और 26 मार्च तक देखने को मिलेगा। साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ 29 मार्च को सक्रिय होने से मार्च महीने के अंत तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
मार्च में ठंड का हुआ अहसास, खांसी-जुखाम के मरीजों में हुई बढ़ोतरी
नांगल चौधरी। मार्च महीने से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। गर्मी के इस माह में बारिश व ओलावृष्टि ने लोगों को एक बार फिर से जनवरी माह की सर्दी का एहसास करवा दिया है। वहीं जहां तापमान में वृद्धि होने से लोगों ने गर्म कपड़े पैक करके रख दिए थे। जोकि लगातार तीन दिन से हो रही बरसात से मौसम ठंडा होने से गर्म कपड़ों को वापिस निकाल लिया है। बुधवार को भी नांगल चौधरी में दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। वहीं दूसरी तरफ किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी है। पहले तो सर्दी से सरसों की फसल में नुकसान हो गया था। अब रविवार को हुए ओलावृष्टि से गेहूं की पकी हुई फसल में नुकसान हो गया है। जिससे अन्नदाता मायूस हो गया है। जबकि आसमान से बारिश रूकने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को दोपहर बाद आसमान में काली घटाएं छा गई और करीब साढ़े तीन बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। ऐसे में किसान फसलों को खराब होते हुए देखकर काफी मायूस हो गए है क्योंकि सरसों की कटी हुई फसल व गेहूं की खेतों में पकी हुई फसलों दोनों में ही इस बारिश से नुकसान हो गया है। वहीं लगातार मौसम में आ रहे बदलाव के कारण अनेक लोग खांसी-जुखाम व वायरल की चपेट में आ रहे हैं। इन दिनों सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकों ने बताया कि ऐसे मौसम में संक्रामक व वायरल से होने वाली बीमारियां अधिक तेजी से फैलती है। मौसम परिवर्तन का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो इसका प्रकोप इस कदर हावी है कि क्षेत्र का शायद ही कोई गांव इसकी चपेट में आने से बचा हुआ हो।