पिछले लंबे अरसे से अटेली बिजली उपमंडल से जुड़े उपभोक्ताओं को सीहमा उपमंडल से जोड़ने पर भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उपभोक्ताओं की गुहार पर भी सरकार व निगम द्वारा कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
अटेली बिजली उपमंडल के अंतर्गत लगभग 54 गांव आते हैं। इनको अटेली 132 केवी पावर हाउस से जुड़े 33 केवी पावर हाउस कांटी, बजाड़, महासर, भीलवाड़ा व दुबलाना से बिजली आपूर्ति के लिए जोड़ा गया है, लेकिन सीहमा ब्लॉक की स्थापना होने के बावजूद अटेली कस्बे से सटे गांव कटकई, गुजरवास, खोड़, अनेक ढाणियों व ट्यूबवेलों की बिजली आपूर्ति को सीहमा उपमंडल से जोड़ दिया गया।
उपभोक्ताओं का कहना है कि हर महीने बिल अदायगी करने व तकनीकी खराबी हो जाने पर सीहमा उपमंडल में दस्तक देनी पड़ती है। जिसके चलते समय व आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि सीहमा उपमंडल 15 से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जबकि यह गांव अटेली सीमा के बहुत करीब हैं। उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि इन गांवों से सीहमा तक परिवहन की भी कोई व्यवस्था नही हैं। जिसके कारण एक छोटे से काम के लिए सारा दिन खराब हो जाता है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन व बिजली निगम के अधिकारियों से सीहमा उपमंडल से जुड़े गांव भोड़ी, कटकई तथा गुजारवास इत्यादि गांवों को अटेली उपमंडल से जोड़े जाने की मांग की है।
अटेली बिजली उपमंडल से जुड़े कुछ उपभोक्ताओं को सीहमा उपमंडल से जोड़ दिया गया था। निगम की ओर से कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। फिर भी जो उपभोक्ता अटेली बिजली उपमंडल से जुड़े थे उसको वहीं जोड़ने का कार्य किया जा रहा है ताकि उन्हें परेशानी न हो।
प्रदीप कुमार, सीए, बिजली निगम, सीहमा।