दक्षिण हरियाणा में जिला महेंद्रगढ़ के गांव कांवी की बालू मिट्टी में सैकड़ों अधिकारी पैदा हुए हैं। यह गांव देश एवं प्रदेश को 100 से अधिक प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारी दे चुका है। गांव के बेटे-बेटियां और बहुएं आईएएस, मजिस्ट्रेट, कर्नल, डॉक्टर, इंजीनियर, प्राचार्य, पीएचडी, वैज्ञानिक, एडवोकेट, जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में देश एवं प्रदेश में सेवाएं दे रहे हैं। लगभग एक दशक से राजनीति में भी पीछे नहीं है।
नोट- इनमें कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं।
गांव की कुल आबादी - 5000
कुल मतदाता - 3000
साक्षर - 100 प्रतिशत
बच्चे को आगे बढ़ाने में परिवार एवं शिक्षक का अहम रोल होता है। उनका आशीर्वाद बना रहे तो बच्चा आगे बढ़ जाता है। हमारे गांव में मेरे चाचा अभय सिंह यादव पहले एचसीएस रहे हैं। उनको देखकर हमें भी लगा कि हम भी ऐसा कर सकते हैं। उनका मार्गदर्शन भी हमारे लिए बना रहा। गांव तरक्की कर रहा है, यह हमारे लिए गर्व की बात है। - यशपाल यादव, डीसी, रोहतक
पढ़ाई के मामले में हमारा गांव जिले में अव्वल है। वर्तमान में गांव 100 प्रतिशत साक्षर है। गांव के पहले पढ़े-लिखे पंडित मातादीन थे और पहली बेटी चंपा पुत्री रामस्वरूप थीं। गांव में शिक्षा की अलख गांव चंदपुरा से आए मास्टर पन्ना लाल ने 1959 में जगाई थी। गांव ने 100 से अधिक प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारी दिए हैं। आगे भी हम शिक्षा सुधार के लिए युवाओं को मोटिवेट करेंगे। - उर्मिला यादव, सरपंच, गांव कांवी